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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय: मुख्य न्यायाधीश के फेयरवेल पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने उठाए जजों पर सवाल :

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिथम के फेयरवेल कार्यक्रम के दौरान एक असाधारण घटना हुई, जिसमें मध्य प्रदेश अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष डी.के. जैन ने न्यायाधीशों के प्रति खरी-खरी बातें कहकर सबको चौंका दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डी.के. जैन ने न्यायाधीशों के व्यवहार और न्…

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कोर्ट ने बंगाल में OBC कोटे के मुस्लिम आरक्षण पर लगाया बैन :

भारत में आरक्षण व्यवस्था एक संवेदनशील और विवादास्पद मुद्दा है। यह व्यवस्था समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए बनाई गई थी। हालांकि, समय के साथ, राजनीतिक दलों ने अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए इस व्यवस्था का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। हाल ही में, कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मुस्लि…

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सुप्रीम कोर्ट और तर्कहीन याचिकाएं: न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग

हाल के वर्षों में, भारत की न्यायिक प्रणाली में तर्कहीन और निराधार याचिकाओं की बाढ़ सी आ गई है। यह न केवल न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है, बल्कि इसके परिणामस्वरूप सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायालयों पर भी अनावश्यक दबाव पड़ता है। इस प्रवृत्ति को रोकने की आवश्यकता है, ताकि न्यायालय अपनी प्राथमिक जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्र…

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न्यायपालिका की संवेदनहीनता: अमीरों के बच्चों को मिलती छूट और आम जनता की बेबसी

अमीरों के बच्चों को मिलती रियायतें :हाल ही में पुणे के किशोर न्यायालय के जज एल एन दानवाडे ने एक उच्च प्रोफ़ाइल केस में अमीर बाप के बेटे वेदांत अग्रवाल को 24-24 साल के दो आईटी प्रोफेशनल्स की हत्या के मामले में तुरंत जमानत दे दी। इस निर्णय ने जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है। वेदांत ने बिना पंजीकरण की नई विदेशी कार और बि…

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भारतीय न्यायपालिका: समस्याएँ और सुधार के उपाय

भारत की न्यायपालिका को हमेशा एक पवित्र और निष्पक्ष संस्था के रूप में देखा गया है। लेकिन समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते हैं जो इस धारणा को चुनौती देते हैं और हमें यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि न्यायपालिका में सुधार की कितनी आवश्यकता है। नीचे दिए गए दो केस स्टडीज़ इस स्थिति को और स्पष्ट करते हैं। केस नंबर एक: एक मजदू…