आजकल देश की मुख्यधारा की मीडिया और स्वतंत्र यूट्यूब शिक्षकों के बीच चल रही जंग ने एक नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने आजतक एंकर अंजना ओम कश्यप और लोकप्रिय यूट्यूब टीचर खान सर (फैजल खान) के बीच चल रहे 2 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में दोनों पक्षों को मध्यस्थता (mediation) के लिए भेज दिया है। कोर्ट ने साफ कहा – आलोचना करो, लेकिन मर्यादा में रहकर!
मामला NEET पेपर लीक और कोचिंग संस्थानों की खामियों पर अंजना के शो से शुरू हुआ। अंजना ने यूट्यूब टीचर्स को ‘दो कौड़ी के टीचर’ और ‘स्टार टीचर्स’ कहकर तंज कसा। जवाब में खान सर ने अपनी क्लास में अंजना को ‘बिकाऊ पत्रकार’, ‘चाटुकार’, ‘फर्जी खबरों की दुकान’ और ‘दलाली’ जैसे शब्दों से जवाब दिया। इसके बाद अंजना और टीवी टुडे नेटवर्क ने खान सर के खिलाफ मुकदमा ठोक दिया।
कोर्ट ने खान सर को अंजना के बच्चों के स्कूल का नाम पब्लिक करने पर फटकार लगाई और बच्चों से जुड़ी जानकारी हटाने के निर्देश दिए। अंजना के वकील ने बताया कि स्कूल की जानकारी लीक होने के बाद बच्चों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों से पूछा कि विवाद क्यों नहीं सुलझा रहे हो? नुकसान तो हो ही चुका है, अब मिलकर संभालो। कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त कर आज शाम 4 बजे मीटिंग रखी है।

