उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक बार फिर लव जिहाद और धर्मांतरण की सनसनीखेज घटना ने पूरे हिंदू समाज को झकझोर दिया है। सहारनपुर की रहने वाली मुस्लिम युवती अलीशा ने अपने ही स्कूल के सहपाठी 22 वर्षीय हिंदू युवक कार्तिक (भानू) को प्रेम के जाल में फंसाया। पहले प्यार का नाटक, फिर धर्म परिवर्तन और अब संपत्ति हड़पने की खुली धमकी! कार्तिक के राजपूत परिवार का आरोप है कि डेढ़ साल से उनके इकलौते बेटे को बंधक बनाकर रखा गया है।
परिवार ने साधना पीठ आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज से मदद मांगी। स्वामी जी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर इस साजिश को उजागर किया। परिवार का कहना है कि अलीशा ने कार्तिक को अपने साथ ले जाकर अज्ञात जगह पर कैद कर लिया। सहारनपुर और देवबंद के मौलवियों का भी हाथ बताया जा रहा है। एक महीने पहले अलीशा ने फोन पर परिवार को बताया कि कार्तिक का धर्मांतरण कर दिया गया है और वह अब इस्लाम के अनुसार रह रहा है।
सबसे खतरनाक बात – 35 बीघा जमीन अलीशा के नाम करने की मांग! परिवार डेढ़ साल से बेटे को ढूंढ रहा है, लेकिन पुलिस ने अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की। पीड़ित परिवार ने अब एसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
ये मामला अकेला नहीं! कुछ समय पहले शामली में ही आयुष मलिक नाम के युवक को चांदनी कुरैशी ने इसी तरीके से फंसाया था। बाद में परिवार के विरोध और गृह वापसी के बाद आयुष हिंदू धर्म में लौटा। लेकिन सवाल ये है – कितने कार्तिक रोजाना इस जाल में फंस रहे हैं?
ये व्यवस्थित साजिश है! लव जिहाद के जरिए हिंदू युवाओं को फंसाना, उनका धर्म बदलना, परिवार से अलग करना और फिर संपत्ति हड़पना – ये गजवा-ए-हिंद की रणनीति का हिस्सा लगता है। मदरसों और कट्टरपंथी ताकतों का नेटवर्क सक्रिय है। जबकि हिंदू परिवार चुपचाप बेटे को खोजते रह जाते हैं।
सरकार और पुलिस पर सवाल! योगी आदित्यनाथ की UP सरकार में लव जिहाद पर सख्त कानून है, फिर पुलिस क्यों सो रही है? एफआईआर क्यों नहीं दर्ज हो रही? क्या हिंदू बेटों की जान और इज्जत अब भी सस्ती है?
हिंदू समाज को जागना होगा! हर हिंदू परिवार को अपनी बेटियों-बेटों को इस जाल से बचाने के लिए सचेत रहना चाहिए। गृह वापसी अभियान तेज करना होगा। UCC (समान नागरिक संहिता) की मांग और तेज करनी चाहिए ताकि ऐसे धर्मांतरण पर लगाम लगे।
स्वामी यशवीर महाराज जैसे संतों का आशीर्वाद और हिंदू संगठनों का साथ इस लड़ाई में मजबूती देगा। कार्तिक जैसे युवाओं को तुरंत बचाया जाए, अलीशा और उसके साथियों पर सख्त कार्रवाई हो।

