पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार ने 2019 के CAA विरोधी हिंसक प्रदर्शनों का हिसाब चुकाने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पुरानी बंद फाइलें दोबारा खोलकर उपद्रवियों की पहचान की जाए और उनसे सार्वजनिक संपत्ति, खासकर रेलवे को हुए नुकसान की भरपाई वसूली जाए।
दिसंबर 2019 में CAA के खिलाफ TMC समर्थित उपद्रवियों ने पूरे बंगाल में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की। रेलवे स्टेशन जलाए गए, ट्रेनें फूंकी गईं, पथराव किया गया। रेलवे को करीब 93 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ। कई जगहों पर सुरक्षा बलों पर हमले भी हुए। उस समय ममता बनर्जी की सरकार ने मामलों को दबा दिया और फाइलें बंद कर दीं।
अब शुभेंदु सरकार ने UP मॉडल अपनाते हुए कहा है — जो तोड़ेगा, वो भरेगा! दोषियों पर न सिर्फ आर्थिक वसूली होगी, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी होगी। ये फैसला उन तुष्टिकरण की राजनीति का अंत है, जिसने बंगाल को हिंसा और अराजकता में झोंक दिया था।

