उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में दैनिक भास्कर के पत्रकार ने मजदूर बनकर 20 दिन का स्टिंग ऑपरेशन किया और ईसाई मिशनरियों का गंदा चेहरा बेनकाब कर दिया। नेपाल से आए पादरी विजय ने पत्रकार को घर बुलाकर गरीबी, बीमारी और परेशानियों से छुटकारे का लालच दिया। फिर ‘यीशु का पवित्र लहू’ (लाल जूस) पिलाकर उसे ईसाई बना दिया।
पादरी बोला- “मूर्ति पूजा छोड़ दो, मंदिर मत जाना, प्रसाद मत खाना। ये पवित्र लहू पी लो, चंगाई आ जाएगी।” उसने साफ चेतावनी दी कि पत्नी और परिवार को अभी मत बताना, पूरा घराना बाद में एक लाइन में कर लेंगे। पादरी ने कहा- “एक व्यक्ति मेरा हो गया तो पूरा परिवार बचा लूंगा।”
ये वही विदेशी फंडेड रैकेट है जो भारत-नेपाल बॉर्डर पर गुप्त चर्च चलाकर हिंदू समाज को तोड़ रहा है। नाम नहीं बदलते, लेकिन संस्कृति, पूजा और पहचान चुरा लेते हैं। गरीबों-मजदूरों को लालच देकर धर्मांतरण का धंधा चलाते हैं।
ये सीधा हमला सनातन पर है! मिशनरी युवा-परिवारों को निशाना बना रहे हैं। UP में सख्त एंटी-कन्वर्शन कानून है, फिर भी ये ढोंगी पादरी बेखौफ घूम रहे हैं।

