नई दिल्ली। भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,399 दिनों के रिकॉर्ड को पार कर भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आकांक्षाओं और संकल्प की जीत है।
मोदी काल को परिवर्तनकारी योजनाओं और राष्ट्र-निर्माण के मील के पत्थरों के रूप में याद किया जाएगा। 20 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाना — यह आंकड़ा किसी चमत्कार से कम नहीं है। आयुष्मान भारत योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना बनकर करोड़ों गरीब परिवारों को चिकित्सा सुरक्षा का कवच प्रदान कर रही है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण — यह केवल मंदिर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सनातन गौरव की पुनर्स्थापना है।
इसके अलावा, विकसित भारत 2047 का दूरदर्शी संकल्प देश को आत्मनिर्भर और विश्व पटल पर अग्रणी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत, जीएसटी, किसान सम्मान निधि, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। बुनियादी ढांचे के विकास, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, विदेश नीति में मजबूत कदम और आतंकवाद पर सख्ती — हर क्षेत्र में मोदी सरकार ने ठोस परिणाम दिए हैं।
4,399 दिन — ये केवल दिन नहीं, बल्कि अनगिनत उपलब्धियों, बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति की कहानी हैं। एक ऐसा नेता जो 24 घंटे देश के लिए जागता है, हर वर्ग को साथ लेकर चलता है और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का मंत्र साकार कर रहा है।
यह उपलब्धि विपक्ष के नकारात्मक एजेंडे को भी जवाब है, जो विकास की बजाय साजिशों में लगा रहता है। लेकिन जनता का विश्वास मोदी जी के साथ है।

