पहले अरपित शर्मा राजनीति से कोसों दूर था। वो एक मामूली टिकटॉकर था जो डांस वीडियो बनाकर मशहूर होने का सपना देखता था। उसका आइडल था मिस्टर फैजू। रात-दिन प्रैक्टिस करता, लेकिन मोदी सरकार ने TikTok पर बैन लगा दिया। अरपित का सारा सपना चकनाचूर! वो कई दिनों तक रोया, सदमे में चला गया। उसकी कमाई, उसकी प्रसिद्धि, सब खत्म। गुस्से में भारत छोड़कर विदेश भाग गया और उसी दिन से मोदी सरकार से पर्सनल खुन्नस निकालना शुरू कर दिया।
लेकिन ये सिर्फ शुरुआत थी! 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इसके पिता जी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर बुलंदशहर सीट से चुनाव लड़ा। नतीजा? इसके पिता जी बुरी तरह चुनाव हार गए! सिर्फ 1,430 वोट मिले और डिपॉजिट जब्त हो गया। शर्मनाक हार! अब समझ आया क्यों ये केजरीवाल का सबसे बड़ा चमचा बना हुआ है? दिन-रात केजरीवाल की गुणगान करता है, AAP की तारीफों के पुल बांधता है और ध्रुव राठी जैसे गद्दारों, देशद्रोहियों का खुलकर समर्थन करता है।
ये “विपक्षी योद्धा” असल में टूटे सपनों वाला टिकटॉकर और हारे हुए AAP उम्मीदवार का बेटा है जिसका गुस्सा पूरे देश और मोदी सरकार पर निकाल रहा है। अच्छे फैसले हो, राम मंदिर हो, अर्थव्यवस्था मजबूत हो, आतंकवाद पर कार्रवाई हो – सबमें नकारात्मकता ढूंढता है। क्योंकि उसका TikTok वाला सपना और चुनावी सपना दोनों मोदी सरकार ने धूल में मिला दिए!
ऐसे फ्रस्ट्रेटेड, हारे हुए, विदेशी चमचों के प्रोपगैंडा को पहचानो। ये लोग देश की प्रगति नहीं देख सकते क्योंकि उनकी अपनी असफलताएं उन्हें चैन नहीं लेने देतीं।

