TMC सांसद यूसुफ पठान ने ममता बनर्जी के लिए बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। ममता दीदी अब बुरी फंस गई हैं। विधानसभा चुनाव में बीजेपी से बुरी तरह हार चुकी हैं, ना तो सांसद हैं, ना विधायक। पार्टी में टूट-फूट मची हुई है, राज्यसभा जाने का भी रास्ता बंद नजर आ रहा है।
इसलिए अब योजना बनाई थी कि यूसुफ पठान को हटाकर खुद उपचुनाव लड़ें और सांसद बनकर कुर्सी संभालें। लेकिन यूसुफ पठान ने सीधा मना कर दिया। बोले – अपनी सीट नहीं छोड़ेंगे!
सोचिए... वो टीएमसी जो कल तक पूरे बंगाल पर राज करती थी, हिंदुओं को प्रताड़ित करती थी, तुष्टिकरण की आग में बंगाल को झोंक रही थी, आज उसी TMC के दो बड़े चेहरे ममता और अभिषेक बनर्जी का ये हाल है – न घर के रहे, न घाट के!
ममता की तानाशाही, हिंदू विरोधी एजेंडा और वोट बैंक की राजनीति अब उल्टी पड़ रही है। अपना ही वोट बैंक का चेहरा यूसुफ पठान उनके खिलाफ खड़ा हो गया। बहरामपुर में 70% से ज्यादा मुस्लिम आबादी वाली सीट भी अब उनके हाथ से फिसल रही है।
ये है ममता का असली चेहरा! हिंदुओं का खून चूसकर सत्ता भोगने वाली दीदी आज खुद सत्ता के लिए तरस रही हैं। TMC का अंत बहुत नजदीक है।

