राजस्थान के अलवर जिले में एक बार फिर धर्मांतरण की घटना ने तनाव पैदा कर दिया है। गुरुवार, 4 जून 2026 को अखेपुरा थाना क्षेत्र की तंवर कॉलोनी में एक घर में ईसाई पादरी राजकुमार धर्मांतरण की गतिविधि चला रहा था। सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और पादरी को घर से बाहर निकालकर जमकर पीटा। हंगामे के दौरान पादरी के कपड़े तक फाड़ दिए गए।
VHP के प्रांत संयोजक प्रेम सिंह राजावत ने बताया कि उन्हें पहले से ही इस घर में हो रहे धर्मांतरण की जानकारी थी। कार्यकर्ताओं ने घर की तलाशी ली तो वहां ईसाई प्रार्थना संबंधी किताबें, मजहबी साहित्य और मोबाइल में धार्मिक गतिविधियों के वीडियो बरामद हुए। मौके पर मौजूद नितिन नामक व्यक्ति ने बताया कि पादरी हिंदू देवी-देवताओं से दूर रहने की सलाह दे रहा था और प्रार्थना से बीमारियां दूर होने का दावा कर रहा था।
पूछताछ में पादरी राजकुमार ने खुद को दिल्ली का निवासी बताया। उसने स्वीकार किया कि वह पिछले 4-5 साल से अलवर आता रहा है और धार्मिक सभाएं आयोजित करता है। उसने करीब 15 लोगों का धर्मांतरण कराने की बात भी कबूली।
पुलिस मौके पर पहुंची और पादरी को हिरासत में ले लिया। इस दौरान VHP कार्यकर्ताओं ने पादरी को पैदल ले जाने की मांग की और पुलिस वाहन का घेराव किया। थाना प्रभारी महेश ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना राजस्थान में बढ़ते धर्मांतरण के मामलों को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में व्याप्त आक्रोश को दर्शाती है। विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक मुद्दा बनाने की कोशिश की है, जबकि हिंदू संगठनों का कहना है कि ऐसे गैर-कानूनी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाना चाहिए।

