तमिलनाडु के बुलडोजर के. अन्नामलाई ने दिसंबर में ही भाजपा छोड़ने का फैसला कर लिया था, लेकिन पार्टी नेताओं के अनुरोध पर चुनाव खत्म होने तक इंतजार किया। मतदान से पहले कोई सार्वजनिक बगावत नहीं की। एक सच्चे, वफादार कार्यकर्ता की तरह पार्टी का नुकसान नहीं होने दिया!
ये है असली BJP कार्यकर्ता का जज्बा! जबकि विपक्षी दलो में रोजाना कुर्सी की लड़ाई, गद्दारी और टूट-फूट मची रहती है, अन्नामलाई ने दिखा दिया कि सच्ची निष्ठा क्या होती है। चुनाव के दौरान पार्टी को कमजोर नहीं किया, दुश्मनों को मौका नहीं दिया।
DMK और कांग्रेस जैसे भ्रष्ट दलों के नेता तो वोट के लिए कुछ भी कर लेंगे, लेकिन अन्नामलाई जैसे सिपाही सिद्ध करते हैं कि भाजपा परिवार में वफादारी अभी बाकी है। तमिलनाडु में हिंदू जागरण की लड़ाई लड़ने वाले अन्नामलाई का ये कदम उनकी दूरदर्शिता और अनुशासन को दर्शाता है।
जो लोग बीच में पार्टी छोड़कर गद्दारी करते हैं, उन्हें अन्नामलाई से सीख लेनी चाहिए। चुनाव लड़ो, जनता का फैसला स्वीकार करो, फिर अपनी राह चुनो – लेकिन पार्टी को चुनाव में चोट मत पहुंचाओ!
ये खबर साबित करती है कि भाजपा में अभी भी ऐसे योद्धा हैं जो व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर पार्टी और राष्ट्र को रखते हैं।

