26 नवंबर 2008 का मुंबई, जब पाकिस्तानी आतंकियों ने पूरे शहर को नरक बना दिया था। आतंकी जब कामा अस्पताल पहुंचे, तब मौत का साया हर तरफ था। लेकिन वहां की नर्सेस और अस्पताल स्टाफ ने डर को ठुकरा दिया। उन्होंने रोशनी बंद कर दी, वार्ड्स लॉक कर दिए, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं सहित सैकड़ों मरीजों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। उनकी सूझबूझ और साहस ने बड़े नरसंहार को टाल दिया। इन वीरों की वजह से करीब 400 जिंदगियां बच गईं।
यह कहानी सालों तक अनकही रही। मीडिया और सरकार ने इन असली हीरो को भुला दिया। लेकिन अब फिल्म भारत भाग्य विधाता ने इन अनसंग हीरोज की बहादुरी को बड़े पर्दे पर ला दिया है। कंगना रनौत @KanganaTeam ने जबरदस्त अभिनय किया है। यह फिल्म उन वीर नर्सेस की सच्ची कहानी है जिन्होंने मौत के मुंह में भी मरीजों की रक्षा की।
26/11 के नायकों को सलाम! जबकि आतंकियों को पाकिस्तान से सपोर्ट मिलता था, तब इन नर्सेस ने दिखाया कि सच्चा साहस क्या होता है। हिंदुस्तान की मिट्टी में ऐसे अनगिनत हीरो पैदा होते हैं, जिन्हें कभी सम्मान नहीं मिलता। कामा अस्पताल की बहादुर महिलाओं ने साबित किया कि हिम्मत और सूझबूझ से आतंक को भी हरा सकते हैं।
भारत भाग्य विधाता जैसी फिल्में जरूरी हैं। ये हमें सिखाती हैं कि असली हीरो कौन होते हैं – वो जो चुपचाप अपना कर्तव्य निभाते हैं। कंगना रनौत की परफॉर्मेंस इसे और भी यादगार बना रही है। हर हिंदुस्तानी को यह फिल्म देखनी चाहिए। उन वीर नर्सेस और स्टाफ को श्रद्धांजलि दें, जिन्होंने बिना हथियार के आतंकियों का सामना किया। ऐसी फिल्में राष्ट्रवाद जगाती हैं और भुलाए गए साहस को याद दिलाती हैं। जय हिंद! इन अनसंग हीरोज को कभी भूलो मत।

