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छत्तीसगढ़ : बजरंगदल और गौ रक्षक सुजीत सोनी की हत्या

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रविवार, 26 मई 2024 को बजरंग दल के सह-संयोजक सुजीत सोनी और एक 22 वर्षीय महिला की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके बारे में पुलिस का दावा है कि उन्होंने जंगली जानवरों के शिकार के लिए डुमरखी जंगल में तरंगित तारें बिछाई थीं, जिनकी चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस की इस थ्योरी से बजरंग दल के कार्यकर्ता और नगरवासी संतुष्ट नहीं हैं, और उन्होंने पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है।

हत्या की घटना और पुलिस की कार्रवाई :
रविवार रात को बजरंग दल सह-संयोजक सुजीत सोनी और किरण काशी नाम की महिला की हत्या की घटना सामने आई थी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आरोपितों ने सुजीत सोनी को इतनी बुरी तरह पीटा कि उनकी हड्डियाँ टूट गईं और उनका गला काटने की भी कोशिश की गई। बाद में उनके शव को डुमरखी ढाबे से 100 मीटर दूर जंगल में फेंक दिया गया। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर यह बताया कि इन लोगों ने जंगली जानवरों के शिकार के लिए तरंगित तारें बिछाई थीं, और इसी कारण से यह दुर्घटना हुई।

पुलिस थ्योरी पर नगरवासियों का असंतोष :
पुलिस द्वारा दी गई थ्योरी कि आरोपितों ने जंगली जानवरों के शिकार के लिए तरंगित तारें बिछाई थीं, को सुनकर नगरवासियों में असंतोष फैल गया। उन्होंने इसे पुलिस की लीपापोती करार देते हुए चक्काजाम किया और टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। नगरवासियों का मानना है कि यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।

राज्य मंत्री रामविचार नेताम की प्रतिक्रिया :
इस मामले में राज्य मंत्री रामविचार नेताम ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए घटना को दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस की जाँच से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है, तो मामले में उच्च स्तरीय जाँच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।

प्रारंभिक रिपोर्टों और पुलिस की जाँच :
शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि आरोपितों ने बजरंग दल सह-संयोजक को बुरी तरह पीटा और उनका गला काटने की कोशिश की। इसके अलावा, युवती के शव को जलाने का भी प्रयास किया गया था। पुलिस ने हर एंगल से जाँच करने की बात कही थी, जिसमें पुलिस प्रसंग और गौ तस्करी जैसे पहलू भी शामिल थे। लेकिन बाद में केवल शिकार वाले एंगल पर गिरफ्तारी की गई।

इस मामले में पुलिस की थ्योरी और नगरवासियों के विरोध के बीच मामला उलझता जा रहा है। उच्च स्तरीय जाँच की मांग और विरोध प्रदर्शनों के चलते यह मामला और भी जटिल हो गया है, और आगे की जाँच में क्या निकलता है, यह देखना बाकी है।