2014 और 2019 के संसदीय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। 2014 में 31% वोट शेयर और 2019 में 37.76% वोट शेयर के साथ, भाजपा ने अपने जनाधार को मजबूत किया। अब, 2024 के चुनावों की ओर बढ़ते हुए, भाजपा का लक्ष्य अपना वोट शेयर और भी बढ़ाना है। इस लेख में, हम 2024 के चुनावों में भाजपा की संभावनाओं का विश्लेषण करेंगे और यह अनुमान लगाएंगे कि भाजपा कितनी सीटें जीत सकती है।
2014 और 2019 के चुनावों का पुनरावलोकन
2014 के चुनाव
- - कुल वोट : 17.17 करोड़
- - वोट प्रतिशत : 31%
- - NDA का वोट प्रतिशत : 38.5%
2019 के चुनाव
- - कुल वोट : 22.9 करोड़
- - वोट प्रतिशत : 37.76%
- - NDA का वोट प्रतिशत : 45.43%
- -13 राज्यों में : 50% से अधिक वोट शेयर
- - 2 राज्यों में : 49% से अधिक वोट शेयर
- - 224 सीटों पर : 50% से अधिक वोट शेयर
- - 436 सीटों पर : 47.34% वोट शेयर
2014 के चुनावों के पांच वर्ष बाद, भाजपा ने अपना वोट शेयर 6.7 प्रतिशत और कुल वोट संख्या 5.7 करोड़ बढ़ा ली थी।
2024 चुनाव की संभावनाएं :
1.वोट शेयर और कुल मतदान का अनुमान
2024 के चुनावों में, भाजपा का वोट शेयर 41-42 प्रतिशत पार करने की संभावना है। कुल मतदान 64-65 प्रतिशत रहने की आशा है, जिसका अर्थ है कि लगभग 63 करोड़ वोट डाले जाएंगे। इससे यह इंगित होता है कि भाजपा को 26 करोड़ वोट मिल सकते हैं, जो पिछली बार से तीन करोड़ अधिक होंगे।
2.भाजपा की रणनीति
भाजपा पूरे देश से वोट शेयर प्राप्त करेगी, जबकि वह केवल 440 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस बार भाजपा का लक्ष्य 300 सीटों पर 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर प्राप्त करना है। इसके लिए सूक्ष्म स्तर पर आमजन की आँखों से दूर कैंपेनिंग की जा रही है। अन्य 70-80 सीटों पर, पार्टी 45 से 50 प्रतिशत वोट शेयर खींचने का लक्ष्य बना रही है।
3.चुनावी मॉडल और संभावित सीटें
भारत के चुनावी मॉडल के संदर्भ में, 26 करोड़ वोट भाजपा को आसानी से 330 सीट दिलवा सकते हैं, जो 2019 की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक होगी। राज्यवार या चुनावी क्षेत्र की लड़ाई से परे, हमारा अनुमान मैक्रो या वृहद तस्वीर पर आधारित है।
हमारा निष्कर्ष :
भाजपा ने पिछले दो संसदीय चुनावों में अपनी जनाधार को मजबूती से बढ़ाया है। 2024 के चुनावों में, पार्टी की रणनीति और व्यापक समर्थन को देखते हुए, भाजपा का वोट शेयर 41-42 प्रतिशत पार कर सकता है और वह 330 से अधिक सीटें जीत सकती है। भाजपा की सूक्ष्म कैंपेनिंग और रणनीतिक लक्ष्यों के साथ, 2024 के चुनावों में उसकी सफलता की संभावना अत्यधिक है।

