छठें चरण का मतदान: पश्चिम बंगाल सबसे आगे :लोकसभा चुनाव 2024 के छठें चरण का मतदान जारी है, जिसमें पश्चिम बंगाल सबसे आगे है। दोपहर 1 बजे तक कुल 39.13% मतदान दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक 54.80 प्रतिशत मतदान हुआ है, जबकि झारखंड में 42.54 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 37.23 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
दिल्ली में अपेक्षाकृत कम मतदान :
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में मतदान की स्थिति अपेक्षाकृत कम रही है। दोपहर 1 बजे तक दिल्ली में केवल 34.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। इसके अलावा बिहार में 36.48 प्रतिशत, हरियाणा में 36.48 प्रतिशत, जम्मू एवं कश्मीर में 35.22 प्रतिशत और ओडिशा में 35.69 प्रतिशत मतदान हुआ है।
प्रमुख उम्मीदवार और क्षेत्र :
छठें चरण के चुनाव में कुल 889 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 797 पुरुष और 92 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। इस चरण में तीन केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कृष्ण पाल सिंह गुर्जर और राव इंद्रजीत सिंह तथा तीन पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, मनोहर लाल खट्टर और जगदंबिका पाल की किस्मत का फैसला जनता कर रही है। इसके अलावा प्रमुख उम्मीदवारों में मेनका गाँधी, नवीन जिंदल, मनोज तिवारी, बाँसुरी स्वराज, संबित पात्रा, राज बब्बर और निरहुआ शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा :
पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में दो प्रमुख राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। पूर्वी मिदनापुर के महिषादल में एक टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इसके अलावा बक्चा इलाके में टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक टीएमसी कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया है।
मतदान के क्षेत्रों की स्थिति :
छठें चरण के चुनाव में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की 7 सीटों के साथ उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की सभी 10, बिहार और पश्चिम बंगाल की आठ-आठ, ओडिशा की छह, झारखंड की चार और जम्मू-कश्मीर की एक सीट पर मतदान हो रहा है। ओडिशा की 42 विधानसभा सीटों पर भी मतदान हो रहा है।
निष्कर्ष :
लोकसभा चुनाव 2024 के छठें चरण का मतदान जोरों पर है, जिसमें पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है। हालांकि, राज्य में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो चिंता का विषय हैं। विभिन्न राज्यों में मतदान की स्थिति मिलीजुली है, और उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला जनता के हाथों में है। चुनाव आयोग और सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

