लोकसभा चुनाव 2024 धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। छठें चरण के मतदान के बाद अब आखिरी चरण का मतदान 1 जून को होगा। इस आखिरी चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी में भी वोटिंग होगी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीडी न्यूज से विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव सबसे बड़ा उत्सव होता है। उन्होंने कहा, "सरकार और राजनीति दलों को जनता प्रति उत्तरदायी होना चाहिए। चुनाव के समय सरकार और राजनीतिक दलों को अपने विजन, अपनी योजनाओं को देश के सामने रखना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि एक ही महीनें में 4-4 बातें बोलकर जनता को गुमराह करना सही नहीं है। उनके लिए चुनाव जनता जनार्दन के दर्शन का अभियान है। "मेरे लिए ईश्वर के 2 रूप हैं, साकार और निराकार। साकार रूप मेरे देश के 140 करोड़ देशवासी हैं। मेरे लिए चुनाव ईश्वर आराधना जैसा होता है," उन्होंने कहा।
विकास की दिशा में बड़ा परिवर्तन :
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले जाति-बिरादरी जैसी चीजें चुनाव के समय होती थी, लेकिन उन्होंने गुजरात में सभी दलों को विकास की बात करने पर मजबूर कर दिया। "पहले जनता चाहती थी कि बाढ़ के समय सड़क पर मिट्टी पड़ जाए, इतनी ही चाहत होती थी, लेकिन अब 4 लेन सड़क माँगते हैं। ये बदलाव है," उन्होंने बताया।
सूचना और आलोचना की महत्वता :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनके पास सूचना के बहुत साधन हैं और वे अखबार पढ़कर राय नहीं बनाते। उन्होंने कहा कि वे आलोचनाओं को सुनते हैं और सुधार करते हैं। "अच्छी सरकार चलाने के लिए आलोचना जरूरी है, लेकिन अब लोग मेहनत ही नहीं करते," उन्होंने कहा।
गठबंधन सरकारों की तुलना :
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गठबंधन की सरकारों के रंग रूप अलग-अलग रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी की सरकार गठबंधन की थी, लेकिन सबकी जिम्मेदारियाँ तय थी। "इस बार भी इंडी गठबंधन पाँच साल पाँच पीएम को लेकर तैयारी कर रही है। पहले भी ऐसा कर चुके हैं ये लोग, बिखरी व्यवस्था वाली। अब भी ऐसा ही कॉन्सेप्ट ला रहे हैं। ये सोच होगी, तो देश कैसे चलेगा," उन्होंने कहा।
जनता की स्थिर सरकार की चाहत :
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की जनता ने 2014 में जब नई सरकार चुनी, तो पुरानी सरकार के प्रति गुस्सा भी था और उनके पास गुजरात का ट्रैक रिकॉर्ड भी था। "जनता ने देखा कि स्थिर सरकार देश के लिए अच्छी रहती है। ऐसे में देश की जनता स्थिर और मजबूत सरकार दे रही है," उन्होंने बताया।
कलकत्ता हाई कोर्ट का फैसला :
मुस्लिम आरक्षण पर सवाल पूछे जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका विरोध धर्म के आधार पर आरक्षण देने के खिलाफ है क्योंकि संविधान ने सबको बराबर माना है। उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को देश की आँख खोलने वाला बताया। "आप कैसे ओबीसी के अधिकारों को छीन रहे हैं। दिल्ली के शाही परिवार ने जवाहरलाल नेहरू के समय से ओबीसी को स्वीकार ही नहीं किया," उन्होंने कहा।
निष्कर्ष :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने साक्षात्कार में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला और आगामी चुनावों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उनका जोर देश के विकास और जनता के हितों की ओर है, जो उनके शब्दों में स्पष्ट झलकता है। उनके विचार और दृष्टिकोण देश के राजनीतिक और सामाजिक परिवेश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

