हाल के वर्षों में हाजीपुर ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी एक विशेष जगह बनाई है। यहां बने जूते अब विदेशों में निर्यात किए जा रहे हैं। खासकर, हाजीपुर में स्थित कंपीटेंस एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (Competence Exports Private Limited) द्वारा निर्मित जूते रूसी सेना के लिए बनाए जा रहे हैं।
रूसी सेना के लिए जूते :
टीवी9 की रिपोर्ट के अनुसार, हाजीपुर में बने जूते अब रूसी सैनिक पहनेंगे। कंपीटेंस एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जनरल मैनेजर शिब कुमार रॉय ने बताया कि उनकी कंपनी में 300 कर्मचारियों में से 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। वे सेफ्टी जूते बनाते हैं जिन्हें रूस में निर्यात किया जाता है।
यूरोपीय बाजारों के लिए डिजाइनर जूते :
रूसी सेना के जूतों के अलावा, हाजीपुर में बनाए जाने वाले डिजाइनर जूते भी यूरोपीय बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं। यह न केवल स्थानीय उद्योग को बढ़ावा दे रहा है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हाजीपुर की पहचान को मजबूत कर रहा है।
हमारा निष्कर्ष :
हाजीपुर का इतिहास और वर्तमान दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह शहर प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक भारतीय संस्कृति, इतिहास और व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। महात्मा गांधी सेतु और सोनपुर मेला इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते हैं, जबकि कंपीटेंस एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसे उद्योग इसके आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हाजीपुर न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत के गौरव का प्रतीक है।

