मोहम्मद युनूस जिसका जिक्र स्व. सुषमाजी ने संसद में किया था। ये व्यक्ति नेहरू जी के इशारों का चेला था। के एन राव की पुस्तक "नेहरू राजवंश" (10: 8186092005 ISBN) में यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है की संजय गांधी फ़िरोज़ गांधी का पुत्र नहीं था, जिसकी पुष्टि के लिए उस पुस्तक में अनेक तथ्यों को सामने रखा गया है। उसमे यह साफ़ तौर पे लिखा हुआ है की संजय गाँधी एक और मुस्लिम मोहम्मद यूनुस नामक सज्जन का बेटा था। दिलचस्प बात यह है की एक सिख लड़की मेनका का विवाह भी संजय गाँधी के साथ मोहम्मद यूनुस के घर में ही हुआ था। मोहम्मद यूनुस ही वह व्यक्ति था, जो संजय गाँधी की विमान दुर्घटना के बाद सबसे ज्यादा रोया था।
यूनुस की पुस्तक "व्यक्ति जुनून और राजनीति" (Persons passions and politics) (ISBN-10: 0706910176) में साफ़ लिखा हुआ है की संजय गाँधी के जन्म के बाद उनका खतना पूरे मुस्लिम रीति रिवाज़ के साथ किया गया था। आदिल शहरयार मोहम्मद युनुस (राजीव की माँ मैमुना उर्फ़ इंदिरा के बेटे संजय का असली बाप) का बेटा था।
आदिल शहरयार इंदिरा गांधी के निजी सहायक रहे मोहम्मद युनुस का बेटा था। उसका लालन पालन इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे की तरह ही हुआ था। शहरयार अमेरिका गया लेकिन वहां जाकर वह अपराध जगत का हिस्सा बन गया। 30 अगस्त 1981 को आदिल मियामी के एक होटल में पकड़ा गया था। उसके ऊपर आगजनी में शामिल होने का आरोप था। पकड़े जाने पर जब अमेरिकी प्रशासन ने आदिल के बारे में छानबीन शुरू की, तो पता चला कि वह ड्रग रैकेट का हिस्सा है। उसके कई और अपराध सामने आये और अमेरिका के न्यायालय ने उसे 'खतरनाक मुजरिम' की श्रेणी में रखा और 35 साल की सजा सुनाई गयी। आदिल शहरयार को 1981 में अमरीकी अदालतों ने जलयान में फायरबोम्ब लगाने के अपराध में 35 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी... जिसमें 10 वर्ष की कैद भुगतने से पहले पैरोल मिलने की भी सुविधा नही थी।
1985 में अपनी अमरीका यात्रा में राष्ट्रपति रोनाल्ड रिगन से भेंट के दौरान राजीव गांधी ने आदिल शहरयार (सच्चाई में सगे धर्मभाई) की रिहाई के बदले... एंडरसन (भोपाल गैस कांड के समय यूनियन कार्बाइड का अध्यक्ष) को सेफ पैसेज देने की अनैतिक डील की थी... इसके बाद तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति ने आदिल शहरयार की 35 साल की सज़ा को माफ़ कर दिया था।
CIA की एक रिपोर्ट से उजागर हुआ है कि... भारत सरकार ने एंडरसन के बदले में आदिल शहरयार को वापस मांगा था। यह रिपोर्ट 2002 में डिक्लासीफाईड की जा चुकी है। CIA की ही रिपोर्ट में यह खुलासा भी होता है कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह दिल्ली के आदेशों का पालन कर रहे थे! कैथरीन फ्रैंक की पुस्तक "The life of Indira Nehru Gandhi (ISBN : 9780007259304) में इंदिरा गांधी के अन्य प्रेम संबंधों के कुछ पर प्रकाश डाला है!
यह लिखा है कि इंदिरा का पहला प्यार शान्तिनिकेतन में जर्मन शिक्षक के साथ था! बाद में वह एम ओ मथाई, (पिता के सचिव) धीरेंद्र ब्रह्मचारी (उनके योग शिक्षक) के साथ और दिनेश सिंह (विदेश मंत्री) के साथ भी अपने प्रेम संबंधो के लिए प्रसिद्द हुई। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने इंदिरा गांधी के मुगलों के लिए संबंध के बारे में एक दिलचस्प रहस्योद्घाटन किया। अपनी पुस्तक "Profiles and letters" (ISBN: 8129102358 ) में ये कहा गया है कि 1968 में इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री के रूप में अफगानिस्तान की सरकारी यात्रा पर गयी थी। नटवर सिंह एक आईएफएस अधिकारी के रूप में इस दौरे पे गए थे। दिन भर के कार्यक्रमों के होने के बाद...
इंदिरा गांधी को शाम मे सैर के लिए बाहर जाना था। कार मे एक लंबी दूरी जाने के बाद, इंदिरा गांधी बाबर की कब्रगाह के दर्शन करना चाहती थी, हालांकि यह इस यात्रा कार्यक्रम मे शामिल नही किया गया था।अफगान सुरक्षा अधिकारियों ने उनकी इस इच्छा पर आपत्ति जताई पर इंदिरा अपनी जिद पर अड़ी रही। अंत में वह उस कब्रगाह पर गयी।
यह एक सुनसान जगह थी। वह बाबर की कब्र पर सर झुका कर आँखें बंद करके खड़ी रही और नटवर सिंह उसके पीछे खड़े थे! जब इंदिरा ने उसकी प्रार्थना समाप्त कर ली, तब वह मुड़कर नटवर से बोली... "आज मैने अपने इतिहास को ताज़ा कर लिया (Today we have had our brush with history)". यहाँ आपको यह बता दे की बाबर मुग़ल साम्राज्य का संस्थापक था, और नेहरु खानदान इसी मुग़ल साम्राज्य से उत्पन्न हुआ! इतने साल जनता इसी धोखे मे है की नेहरु एक कश्मीरी पंडित था। जो कि सरासर गलत है।
Note : सच्चाई क्या है ये कहना मुश्किल है और न हम इसकी गारंटी लेते है। लेकिन ये भी सच्चाई हैं की बंद दरवाजों के पीछे इसपर चर्चा होती रहती है।