Default Image

Months format

View all

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

404

Sorry, the page you were looking for in this blog does not exist. Back Home

Ads Area

अरफा खानुम शेरवानी की जलन का इलाज आखिर क्या हो ?

जैसा की हम से ने देखा और 22 जनवरी को साक्षी बन देखा की अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद घर-घर भगवा पताका लहराया गया। हर हिंदू इस माहौल को देख जहाँ गौरवान्वित हैं तो वही दलाल पत्रकार आरफा खानम शेरवानी जैसे इसे देख रो रहे हैं। संविधान और लोकतंत्र की आड़ में नैरेटिव बनाने के लिए अलग-अलग मंच ढूँढे जा रहे हैं ताकि समझाया जा सके कि राम मंदिर का बनना कितना गलत है और हिंदुओं का जय श्रीराम कहना उससे भी बड़ा अपराध… इनका पूछना है कि हिंदुओं के घर भगवा झंडा क्यों लगा है और क्यों वो प्राण-प्रतिष्ठा से खुश हैं।

आरफा खानम ने अपनी ये पीड़ा जाहिर करने के लिए उस मंच को चुना जहाँ राहुल गाँधी पर लिखी गई किताब का विमोचन हो रहा था। यहाँ आरफा कारसेवकों को अपराधी बोलती दिखीं। मंदिर के परिसर में मस्जिद न बनने पर नाराजगी दिखाती दिखीं। साथ ही ये बताती दिखीं कि आज के समय में जब वह हिंदुओं के घरों पर भगवा ध्वज लहरते देखती हैं तो उनको ऐसा लगता है जैसे उनके सीने पर किसी ने उसे लगा दिया हो।