कश्मीर में हिंदू शिक्षिका की हत्या के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय के कर्मचारियों ने सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है। जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में मंगलवार 31 मई 2022 को आतंकवादियों ने एक बार फिर स्कूल में हिंदू टीचर को गोली मार कर हत्या कर दी। शिक्षिका की हत्या के कश्मीरी पंडित समुदाय के कर्मचारियों ने कहा कि अगर उन्हे 24 घंटे के भीतर सुरक्षित स्थानों पर नहीं भेजा गया तो बड़े पैमाने पर घाटी से पलायन करने को मजबूर होंगे।
हत्या से पहले ट्रांसफर आर्डर को लेकर खुश थी रजनी बाला
जानकारी के मुताबिक हत्या से 1 दिन पहले सोमवार (30 मई 2022) की रात को रजनी को ट्रांसफर की सूचना मिली थी। इससे वह काफी खुश थी।उन्होंने इसके बारे में स्कूल के पास के एक दुकानदार को ही बताया था। जिसे वो अपना भाई मानती थी। रजनी और उनके पति राजकुमार की कुलगाव के ही एक गांव स्थित सरकारी स्कूल में ट्रांसफर हो गया था। मंगलवार को आदेश की कॉपी मिलने वाली थी,लेकिन इससे पहले ही आतंकियों ने उनकी निर्मम हत्या कर दी। राजकुमार भी सरकारी टीचर है और वह गोपालपुरा से कुछ ही दूरी पर स्थित सरकारी मिडिल स्कूल मे तैनात हैं।
आईडी देख जब हिंदू टीचर उतारे गए मौत के घाट
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में आतंकी लगातार गैर मुस्लिम समुदाय को टारगेट कर हमले कर रहे हैं। पिछले दिनों श्रीनगर में 2 शिक्षकों की हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में स्थित एक स्कूल में शिक्षकों को लाइन से खड़े करा कर पहचान करने के बाद 2 गैर मुस्लिम शिक्षकों की हत्या कर दी थी। बता दे कि आतंकियों ने स्कूल के सभी शिक्षकों को पंक्ति में खड़ा किया था। उसके बाद उनके पहचान पत्र और मोबाइल फोन की जांच की उसके साथ ही आतंकियों ने उनसे पूछताछ भी की और उनमें से अधिकतर को छोड़ दिया। जिन-जिन शिक्षकों को आतंकियों ने जाने दिया वे सभी मुस्लिम थे। वहीं आतंकियों ने सिख समुदाय से संबंध रखने वाले शिक्षिका सतिंदर कौर और हिंदू समुदाय से संबंध रखने वाले शिक्षक दीपक चंद की गोली मारकर हत्या कर दी थी ।
