भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आया फैशल, कोर्ट ने कहा की..

जगन्नाथ पुरी में कल रथयात्रा निकलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यात्रा की इजाजत दे दी है, श्रद्धालु शामिल नहीं हो पाएंगे। कोर्ट ने कहा है कि मंदिर कमेटी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के को-ऑर्डिनेशन में यात्रा निकालें, लेकिन लोगों की सेहत से समझौता नहीं होना चाहिए। अगर हालात बेकाबू होते दिखें तो ओडिशा सरकार यात्रा को रोक सकती है। साथ ही कहा कि पुरी के अलावा ओडिशा में कहीं और यात्रा नहीं निकाली जाएगी।



पुरी में जय जगन्नाथ के नारे गूंजने लगे:-
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही पुरी में जय जगन्नाथ के नारे गूंजने लगे। भीड़ जमा न हो इसलिए शहर में शाम 4 बजे से धारा 144 लागू कर दी गई। शाम होते ही नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन रथ को मंदिर के सिंह द्वार तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई। नंदीघोष भगवान जगन्नाथ का रथ है। तालध्वज पर बलराम विराजेंगे और दर्पदलन पर सुभद्रा।तीनों रथों को खींचने के लिए शंखचूड़ा नागिन, वासुकी नाग और स्वर्णचूड़ा नागिन लाई गईं। यह नारियल से बनी रस्सियों के नाम हैं।मंगलवार को रथयात्रा की शुरुआत सुबह 9 बजे से होगी। भगवान जगन्नाथ खिचड़ी खाकर निकलेंगे। पुरी महाराज दिव्य सिंह देव छेरा पहरा यानी रथ की सफाई रात एक बजे शुरू करेंगे।मंदिर के सेवादार राजेंद्र मुदाली ने बताया महाप्रभु की मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर जाने की यात्रा दोपहर दो से ढाई बजे शुरू होगी। मंदिर की दूरी साढ़े तीन किलोमीटर है। जहां सूर्यास्त होगा, यात्रा वहीं रुक जाएगी। रथ खींचने वाले सेवादारों का कोरोना टेस्ट हो चुका है। सभी निगेटिव हैं। 
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