तीन संतों की निर्मम हत्या पर उद्धव ठाकरे का आया बयान, पढ़ें रिपोर्ट

महाराष्ट्र के पालघर में 16 अप्रैल को जो घटना घटित हुई उससे पूरा समाज शर्मशार है । आज पूरा हिंदू समाज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यह सवाल पूछता है कि आखिर उन बेगुनाह साधुओं की क्या गलती थी और इसी के मद्देनजर उद्धव ठाकरे लगातार निशाने पर है। आपको बता दें कि आज सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मसले पर प्रेस कांफ्रेंस की और सरकार का रुख सबके सामने रखते हुए कहा कि,  उनकी सरकार किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी,  इस मसले को लोग भड़काने की कोशिश ना करें। उद्धव ठाकरे ने घटना को लेकर आगे कहा कि यह हिंदू-मुस्लिम जैसा कोई मसला नहीं है,  इस बारे में मेरी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बात हुई है। हर किसी को इस बारे में समझाया गया है कि यह धर्म से जुड़ा मामला नहीं है,  लेकिन जो भी सोशल मीडिया के जरिए आग लगाने और मामला भड़काने की कोशिश करेगा उसपर कड़ा एक्शन लिया जाएगा.



भीड़ ने 3 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला:-
आपको बता दें कि पालघर के पास एक गांव में भीड़ ने 3 लोगों को जिसमें दो संत थे तथा एक उनका ड्राइवर था उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस हमले के दौरान वहां भीड़ के साथ पुलिसकर्मी भी खड़े थे लेकिन वह सिर्फ और सिर्फ तमाशा देखते रहे ना की संतो को बचाया। बीते दिन रविवार को इस घटना का वीडियो काफी वायरल रहा, जिसने भी यह वीडियो देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। महाराष्ट्र राज्य सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए 100 से अधिक लोगों को गिरफ्त में लिया है जबकि अन्य पर केस दर्ज किए गए हैं। उद्धव ने अपनी दलील में कहा  कि वो लोग जब सूरत जा रहे थे, तब उन्होंने दादर-नगर हवेली के बॉर्डर पर रोका गया और वापस भेज दिया गया. अगर ऐसा नहीं होता, तो घटना नहीं होती.


उद्धव ठाकरे ने दी अपनी सफाई:-
उद्धव  ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पालघर के जिस इलाके में यह घटना घटित हुई है वह काफी दुर्गम इलाका ह,  ऐसे में यह तीन लोग वहां से गुजरते हुए गुजरात की ओर जा रहे थे लेकिन वहां पर गांव के लोगों को  कुछ गलतफहमी हुई और उन्हें चोरी का शक लगा। इसी शक में उन्होंने संतों पर हमला कर दिया तथा उनकी हत्या कर दी जो कि काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पालघर में कुछ दिनों से चोरों के घूमने की अफवाह है इसी वजह से गांव वालों ने ऐसा हमला किया लेकिन गलतफहमी के बावजूद किसी को बख्शा नहीं जाएगा । कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


केंद्र ने राज्य सरकार से मांगा रिपोर्ट :-
आपको बता दें कि इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है,  साथ ही राज्य सरकार की ओर से इन दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है जिनके थाना क्षेत्र में यह घटना घटित हुई आपको बताते चलें कि यह मामला 16 -17 अप्रैल की रात को पालघर से करीब 100 किलोमीटर दूर गड़चिनचले गांव का है।


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