अब आगरा का भी बदला जाएगा नाम, नए नाम का हुआ ऐलान.



नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका भारत आइडिया में, तो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं उत्तर प्रदेश के बारे में जहां पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गुलामी की जंजीर को तोड़ते हुए पहले इलाहाबाद फिर फैजाबाद और अब आगरा का नाम भी बदलने का फैसला लिया है.

अब आगरा का भी बदला जाएगा नाम, नए नाम का हुआ ऐलान.

क्या है मामला:
जी हां दोस्तों आपने सही सुना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले इलाहाबाद को प्रयागराज किया फिर फैजाबाद को अयोध्या और अब खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा का भी नामकरण कर सकते हैं और इसके लिए नया नाम भी सोच लिया गया है.जिन आशाओं तथा उम्मीदों के साथ उत्तर प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को विशाल बहुमत दिया था तथा योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था उसी आधार तथा उन्हीं उम्मीदों पर योगी आदित्यनाथ खरे उतरने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. जैसा कि आप सब को पता है बीती दीपावली पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने फैजाबाद जनपद का नाम बदलकर अयोध्या जनपद किए जाने की घोषणा की थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के राम भक्तों के चेहरे चमक उठे थे और अब खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा का भी नामकरण कर सकते हैं.




भाजपा विधायक ने नाम बदलने की उठाई मांग:
मुगलसराय रेलवे स्टेशन, इलाहाबाद तथा फैजाबाद का नाम बदलने के बाद अब यह मांग उठी है कि जमुनानगरी आगरा का नाम बदला जाए और यह मांग किसी और ने नहीं बल्कि बीजेपी के एक विधायक ने उठाई है. इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भी लिखा गया है जिसमें विधायक की मांग है कि आगरा शहर का नाम अग्रवन रखा जाए. भारतीय जनता पार्टी के आगरा से विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखकर आगरा का नाम अग्रवन किए जाने की मांग की है.




अग्रवन हो सकता है आगरा का नाम:
भारतीय जनता पार्टी के विधायक जगन प्रसाद गर्ग का कहना है कि वह इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खत भी लिख चुके हैं और जल्द ही लखनऊ जाकर उनसे इस बारे में वार्ता करेंगे. जगन प्रसाद गर्ग का कहना है कि आगरा शहर का नाम पहले अग्रवन ही था जिसे बाद में अकराबाद और उसके बाद आगरा नाम दिया गया.विधायक का कहना है कि यमुना नदी के किनारे पर बना कैलाश महादेव का मंदिर इसका जीता जागता सबूत है कि इसका नाम पहले अग्रवन था.




संपादक : विशाल कुमार सिंह


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