कारगिल वॉर में कौन था साथी कौन था विरोधी ?

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका भारत आइडिया में, तो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं कारगिल युद्ध के बारे में कि इस युद्ध में कौन था हमारे साथ और कौन था हमारे विरोध में.

कारगिल वॉर में कौन था साथी कौन था विरोधी ?

इजराइल की दोस्ती:
दोस्तों मैं आपको बताना चाहूंगा 3 मई 1999 को 5000 पाकिस्तानी सैनिकों ने अचानक कश्मीर के कारगिल में घुसपैठ कर दी थी, जिसके बाद 8 मई 1999 से लेकर 14 मई 1999 तक भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण युद्ध चला था. जिसे दुनिया कारगिल युद्ध के नाम से जानती है. आज हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं कि किस देश ने कारगिल युद्ध में हमारा साथ दिया था और किस देश ने हमारा विरोध किया था.


अमेरिका था पाकिस्तान के साथ:
कारगिल युद्ध में इजरायल ने भारत की सहायता ना की होती तो शायद भारत के लिए यह युद्ध जीत पाना आसान ना होता, इजरायल ने ना सिर्फ भारत को मानव रहित विमान उपलब्ध कराएं बल्कि अपनी सेटेलाइट की मदद से पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों की तस्वीर भी उपलब्ध कराई.आपको बता दें कि अमेरिका और इजरायल को काफी अच्छा दोस्त माना जाता है, कारगिल युद्ध में अमेरिका पाकिस्तान के साथ था इसलिए उसने इजराइल पर भारत की सहायता ना करने का दबाव भी बनाया था लेकिन इजराइल ने सभी दबाव को प्रतिबंधों को दरकिनार कर भारत की सहायता की थी.


अमेरिका का जवाब इजराइल:
इस युद्ध में पाकिस्तान अमेरिका की हारपून मिसाइलों का उपयोग कर रहा था जिसका भारतीय सेना के पास कोई जवाब नहीं था तब इजराइल ने लेजर गाइडेड मिसाइल के साथ साथ भारतीय वायु सेना को मिराज 2000H जैसे युद्धक विमान भी उपलब्ध करवाए थे.इसके अलावा इजरायल ने भारत को बोफोर्स तोप में इस्तेमाल हो सकने योग्य गोला बारूद भी उपलब्ध करवाए थे जिसके बाद भारत पाकिस्तान पर काफी भारी पड़ा था.


और भी देश थे भारत के साथ:
इजराइल के अलावा रूस, जापान, जर्मनी ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भारत का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता की थी जबकि अमेरिका, चीन, तुर्की अरब देशों ने पाकिस्तान की मदद की थी.


संपादक : विशाल कुमार सिंह

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