उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में गंगोह रोड स्थित गोगा म्हाड़ी परिसर का पवित्र कुंड एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यह वही कुंड है जहां दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना की थी। अब इस पवित्र स्थल पर मुस्लिम महिलाओं द्वारा वजू करके नमाज अदा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे हिंदू संगठनों में गुस्सा फूट पड़ा है। घटना 29 जून 2026 की शाम की बताई जा रही है, जब तीन-चार मुस्लिम महिलाएं और बच्चे परिसर में पहुंचे। उन्होंने कुंड में वजू किया और फिर सरोवर के किनारे नमाज पढ़ी।
गोगा म्हाड़ी सुधार सभा के अध्यक्ष अनिल प्रताप सैनी ने इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह करीब 1200 साल पुराना सनातन धार्मिक स्थल है। नगर निगम द्वारा यहां फन पॉइंट बनाने के बाद बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई, जिससे ऐसे अतिक्रमण के प्रयास हो रहे हैं। केयरटेकर मोहित वशिष्ठ और अन्य कर्मचारियों ने महिलाओं को रोका और समझाया कि यह हिंदू आस्था से जुड़ा पवित्र स्थान है, जहां ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए।
वीडियो वायरल होते ही हिंदू संगठन भड़क उठे। सोशल मीडिया पर इसे ‘लैंड जिहाद’ की शुरुआत बताया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, “सहारनपुर, UP: मुस्लिम महिला ने गोगा म्हाड़ी कॉम्प्लेक्स के ऐतिहासिक कुंड के किनारे नमाज पढ़ी। यही कुंड दो साल पहले CM योगी ने पूजा के लिए इस्तेमाल किया था।” हिंदू संगठनों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच चल रही है। नगर निगम मेयर डॉ. अजय सिंह ने पूरी घटना की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
यह घटना केवल एक अलगावपूर्ण घटना नहीं है, बल्कि सनातन स्थलों पर बढ़ते अतिक्रमण की एक कड़ी लगती है। गोगा म्हाड़ी परिसर हिंदू परंपराओं का प्रतीक है, जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में किसी अन्य समुदाय द्वारा यहां नमाज पढ़ना न केवल आस्था का अपमान है, बल्कि सांप्रदायिक सद्भाव को चुनौती भी। विपक्षी ताकतें अक्सर ऐसे मामलों में ‘धर्मनिरपेक्षता’ का ढोंग रचती हैं, लेकिन हिंदू आस्था को बार-बार ठेस पहुंचाने वाले इन कृत्यों पर चुप्पी साध लेती हैं।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक शांति बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इस मामले में भी पुलिस की तेज कार्रवाई सराहनीय है। लेकिन यह सिर्फ केस दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि पवित्र कुंड की सुरक्षा के लिए फेंसिंग, CCTV और सख्त नियम लागू किए जाएं। नगर निगम को भी फन पॉइंट के नाम पर धार्मिक स्थलों को प्रदूषित होने से बचाना होगा।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करना हर हिंदू का दायित्व है। गोगा म्हाड़ी जैसे स्थलों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हिंदू संगठनों की जागरूकता और प्रशासन की सतर्कता से ही ऐसे प्रयासों को रोका जा सकता है। समाज को एकजुट होकर सनातन परंपराओं की रक्षा करनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

