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कांची शंकराचार्य का पंजाब में बड़ा ऐलान: हिंदू-सिख एकता को मजबूत करेगा ‘सांझीवालता’ अभियान, बनेंगे नए मंदिर-ट्रस्ट और रिसर्च सेंटर

कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेन्द्र सरस्वती ने पंजाब की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की कि पंजाब में हिंदू-सिख एकता को और मजबूत करने के लिए ‘सांझीवालता’ अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत नए मंदिरों का निर्माण, प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार, एक नया ट्रस्ट और रिसर्च सेंटर स्थापित किए जाएंगे। शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि “पंजाब की सुरक्षा ही भारत की सुरक्षा है”। यह बयान सीमावर्ती राज्य की रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है।


विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू और सिख साझा विरासत से जुड़े हैं। दोनों समुदायों के बीच एकता को मजबूत करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से ‘कांची कामकोटि पंजाबी धर्मशाला धर्मविद्या ट्रस्ट’ का गठन किया गया है। इस ट्रस्ट के जरिए पंजाब में गणेश मंदिर, धर्मशाला और एक उन्नत रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। प्राचीन मंदिरों के पुनर्निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा। शंकराचार्य ने समाज, उद्योगपतियों और व्यापारियों से इस पवित्र अभियान में आर्थिक और सामाजिक सहयोग की अपील की है।

मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक केंद्र हैं। शंकराचार्य ने धार्मिक परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। आंध्र प्रदेश में वैदिक शिक्षा के लिए 18 करोड़ रुपये की सहायता, जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती मंदिरों के पुनरुद्धार और हजारों छोटे मंदिरों के निर्माण की योजनाओं का जिक्र किया। पंजाब जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह पहल सनातन धर्म की जड़ों को मजबूत करेगी।

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार समेत कई उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। जोशी ने भारतीय भाषाओं और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। पूरा कार्यक्रम पंजाब में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और हिंदू-सिख भाईचारे पर केंद्रित रहा।
यह अभियान सिर्फ मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन परंपराओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में सांस्कृतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब में हिंदू-सिख एकता मजबूत होने से राष्ट्र विरोधी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा।

शंकराचार्य का यह संदेश पूरे देश के हिंदुओं को प्रेरित करता है कि हमें अपनी धरोहर की रक्षा के लिए सक्रिय होना होगा। ‘सांझीवालता’ अभियान न केवल पंजाब बल्कि पूरे भारत की एकता और सुरक्षा का प्रतीक बनेगा।