ब्रिटेन के शेफील्ड में पाकिस्तानी मूल के तीन भाइयों ने 2004-2007 के बीच एक महिला और चार नाबालिग लड़कियों (12-18 साल) के साथ बेहद क्रूर यौन शोषण और बलात्कार किया। शेफील्ड क्राउन कोर्ट ने इस जघन्य मामले में तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। यह मामला ब्रिटेन के इतिहास में पाकिस्तानी मूल के ग्रूमिंग गैंग के खौफनाक चेहरे को फिर उजागर करता है।
मुख्य आरोपी अमर इलियास, जिसे 'किलर' के नाम से जाना जाता था, पर 20 गंभीर अपराध साबित हुए। अदालत ने उसे 27 साल की जेल की सजा सुनाई है। हालांकि, वह मुकदमे से पहले पाकिस्तान भाग गया और फिलहाल फरार है। ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) अब उसकी तलाश में जुटी हुई है। उसके भाई कमर इलियास को 10 साल और कामरान इलियास को 3 साल की जेल की सजा दी गई है।
जांच में सामने आया कि इन भाइयों ने पीड़ितों को शराब और नशे के जाल में फंसाया। अमर इलियास ने न केवल बलात्कार किया बल्कि हिंसा, धमकियां और नकली बंदूक का इस्तेमाल कर पीड़िताओं को आतंकित किया। एक पीड़िता पर उसने काटने तक की क्रूरता की। चार अन्य लड़कियों के साथ भी इसी तरह का यौन उत्पीड़न किया गया। पीड़ित महिलाओं ने अदालत में बताया कि इन घटनाओं का मानसिक आघात आज भी उन्हें परेशान करता है। वे लगातार बुरे सपने देखती हैं और सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।
यह मामला ऑपरेशन स्टोववुड का हिस्सा है, जिसमें रदरहम समेत ब्रिटेन के विभिन्न इलाकों में पाकिस्तानी मूल के ग्रूमिंग गैंग्स द्वारा नाबालिग लड़कियों के सामूहिक शोषण के सैकड़ों मामले सामने आए हैं। अदालत ने अमर इलियास को 'खतरनाक यौन अपराधी' करार दिया, जो लगातार शिकार की तलाश में रहता था।
इस घटना ने ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के समुदायों द्वारा की जा रही लव जिहाद और ग्रूमिंग गैंग गतिविधियों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। यूके में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां नाबालिग हिंदू, सिख और अन्य लड़कियों को निशाना बनाया जाता रहा है।
भारत को भी सबक लेना चाहिए। पाकिस्तान से आने वाले या पाकिस्तानी मूल के तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होगी। 'किलर' अमर इलियास जैसे फरार अपराधियों को पाकिस्तान शरण दे रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय अपराध को बढ़ावा दे रहा है।

