कर्नाटक के कांग्रेस गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ नया हमला बोल दिया है। उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत को दो पन्नों की चिट्ठी लिखकर संघ के कानूनी दर्जे, रजिस्ट्रेशन, फंडिंग के स्रोत, खर्चों और संपत्ति का पूरा ब्योरा मांगा है।
खरगे ने कर्नाटक में संघ की 4,127 दैनिक शाखाओं, साप्ताहिक मिलनों और हजारों कार्यक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि इतना बड़ा संगठन कानून से ऊपर कैसे हो सकता है? उन्होंने संघ से पदाधिकारियों के नाम, दान, टैक्स विवरण और बिना रजिस्ट्रेशन के काम करने का कानूनी आधार पूछा।
मोहन भागवत का सख्त जवाब:
केरल में एक कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रियांक खरगे को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि RSS को किसी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है क्योंकि यह सरकार से कोई फंड नहीं लेता। भागवत जी ने याद दिलाया कि ब्रिटिश काल से लेकर अब तक संघ पर कई बार प्रतिबंध लगे, लेकिन हर बार सच्चाई जीती। उन्होंने कहा, “भारत में हिंदू धर्म का भी कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, फिर संघ को क्यों?”
यह हमला कांग्रेस की पुरानी हिंदू-विरोधी सोच को दिखाता है। जब RSS पूरे देश में सेवा कार्य, आपदा राहत, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण का काम कर रहा है, तब कांग्रेस के नेता उसे निशाना बना रहे हैं। प्रियांक खरगे जैसे लोग RSS को कमजोर करके हिंदू समाज की एकता तोड़ना चाहते हैं।
RSS 100 वर्षों से बिना किसी सरकारी सहायता के करोड़ों स्वयंसेवकों के बल पर देश की सेवा कर रहा है। यह संगठन पूरी तरह पारदर्शी है और खुलेआम काम करता है। कांग्रेस की यह चिट्ठी सिर्फ राजनीतिक साजिश और वोट बैंक की राजनीति है। हिंदू समाज को जागरूक रहना होगा। RSS पर हमला पूरे हिंदू राष्ट्रवाद पर हमला है।

