कोलकाता नगर निगम (KMC) ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। उनके निजी आवास में बने अवैध निर्माण को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है। अगर 45 दिनों के अंदर अवैध हिस्से नहीं हटाए गए तो प्रशासन खुद बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर देगा।
कोलकाता के 83, बदन रॉय लेन स्थित संदीप घोष और उनकी पत्नी संगीता घोष के चार मंजिला मकान पर KMC की बिल्डिंग विभाग की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मुख्य रूप से घर की छत पर बिना अनुमति के परगोला (ढांचा) बनाया गया था, जो मंजूरशुदा प्लान में शामिल नहीं था। इसके अलावा आयरन स्पायरल सीढ़ी और दूसरे तल्ले पर ईंट की दीवार जैसी अवैध संरचनाएं भी पाई गईं। KMC के स्पेशल ऑफिसर (बिल्डिंग) एस. बोराल ने सुनवाई के बाद सेक्शन 400(1) और 416 के तहत डिमोलिशन नोटिस जारी किया है।
डॉ. संदीप घोष का नाम 2024 के आरजी कर रेप-मर्डर मामले में प्रमुख रूप से जुड़ा हुआ है। अस्पताल की महिला डॉक्टर की बर्बर हत्या के बाद साक्ष्य छेड़छाड़, भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर आरोप उन पर लगे। इस मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। घोष को प्रिंसिपल पद से हटाया गया, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगते रहे। अब KMC का यह नोटिस उनके घर पर कार्रवाई का नया अध्याय जोड़ रहा है।
KMC ने पहले भी अक्टूबर 2024 में नोटिस जारी किया था, लेकिन अब सख्ती बढ़ाई गई है। घोष को 45 दिन का समय दिया गया है। अगर वे अनुपालन नहीं करते तो बिना किसी रियायत के बुलडोजर चलेगा। बंगाल में बीजेपी की सत्ता आने के बाद अवैध निर्माणों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है, जो सिस्टम में साफ-सुथरी छवि बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
ममता बनर्जी के लंबे शासनकाल में कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माण, जमीन कब्जा और भ्रष्टाचार की खबरें आम रही हैं। कई प्रभावशाली लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर अपनी संपत्तियां बढ़ाईं। आरजी कर कांड ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली भी उजागर की, जहां डॉक्टरों की सुरक्षा तक पर सवाल उठे। संदीप घोष जैसे लोगों को कथित तौर पर संरक्षण मिलता रहा, जिससे आम नागरिकों में गुस्सा बढ़ा।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए संदेश है जो सोचते थे कि सत्ता या प्रभाव से ऊपर उठकर कोई भी नियम तोड़ सकता है। नगर निगम ने साफ कहा है कि समय सीमा के बाद कोई ढील नहीं मिलेगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
आरजी कर पीड़िता को न्याय मिले, साक्ष्य छेड़छाड़ के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और भ्रष्टाचार पर लगाम लगे। बुलडोजर एक्शन सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सिस्टम की मजबूती का प्रतीक है। बंगाल के लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार अवैध निर्माण, घुसपैठ और भाई-भतीजावाद जैसी समस्याओं पर लगातार कार्रवाई करेगी। संदीप घोष के मामले में अब नजरें इस पर टिकी हैं कि वे 45 दिनों में अवैध निर्माण हटाते हैं या नहीं। अगर नहीं हटाया तो KMC का बुलडोजर उनके घर पहुंचेगा।

