तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखा दिया है। 18 जून 2026 की देर रात हैदराबाद के नेरेडमेट इलाके में ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को आधी रात क्रेन की मदद से हटा दिया। यह कार्रवाई इतनी गुप्त तरीके से की गई कि स्थानीय लोगों को पहले पता भी नहीं चला। प्रशासन का दावा है कि प्रतिमा बिना अनुमति के लगाई गई थी, लेकिन इस बहाने हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है।
स्थानीय निवासियों ने कुछ घंटे पहले ही महाराज शिवाजी की प्रतिमा स्थापित की थी। लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे बर्दाश्त नहीं किया। रात के अंधेरे में भारी सुरक्षा बल, स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) और सशस्त्र पुलिस को तैनात कर क्रेन से प्रतिमा हटाई गई और उसे दूसरे स्थान पर ले जाया गया। विरोध करने वाले स्थानीय लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इलाके में कुछ देर तक तनाव का माहौल रहा। प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे कानूनी कार्रवाई होगी, लेकिन इस रात-बिराती कार्रवाई से साफ है कि सरकार हिंदू प्रतीकों को सहन नहीं कर पा रही।
यह घटना महज एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि कांग्रेस की हिंदू-विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। छत्रपति शिवाजी महाराज हिंदू स्वाभिमान और मुगल अत्याचार के खिलाफ प्रतिरोध के प्रतीक हैं। ऐसे महान योद्धा की प्रतिमा को आधी रात हटाना किसी दुश्मन की हरकत जैसा लगता है। BJP नेताओं और हिंदू संगठनों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार जानबूझकर रात में यह कार्रवाई कर जनता के विरोध से बचना चाहती थी।
इस घटना से तेलंगाना की जनता में आक्रोश फैल गया है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने के लिए अनुमति की जरूरत पड़ती है, जबकि अन्य समुदायों के प्रतीकों को बिना रोक-टोक स्थापित करने दिया जाता है? यह घटना कांग्रेस शासन में हिंदू संस्कृति और इतिहास को मिटाने की साजिश को उजागर करती है। रेवंत रेड्डी की सरकार पर पहले से ही हिंदू विरोधी नीतियों के आरोप लगते रहे हैं। अब यह कार्रवाई उन आरोपों को और मजबूत करती है।
हिंदू समाज को एकजुट होकर ऐसे कदमों का विरोध करना चाहिए। शिवाजी महाराज का सम्मान किसी की दया पर नहीं टिका है। उनकी प्रतिमा फिर से उसी जगह स्थापित होनी चाहिए जहां वह थी। कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि भारत हिंदू राष्ट्र की भावना से ओत-प्रोत है और ऐसे अपमान सहन नहीं किए जाएंगे।

