देश की सुरक्षा और हिंदू पहचान बचाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक अहम उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुद्दा था — जनसांख्यिकीय परिवर्तन (Demographic Change)! शाह साहब ने सीधे निर्देश दिया कि आयोग अब बॉर्डर जिलों में गहन अध्ययन करे, जहां घुसपैठियों ने हिंदू बहुल इलाकों को बदलने की साजिश रची हुई है।
न सिर्फ बॉर्डर, बल्कि मेट्रो शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी आयोग को दौरा करके पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। यह फैसला उन ताकतों के लिए करारा झटका है जो बांग्लादेशी घुसपैठियों, रोहिंग्या और जिहादियों को घुसाकर भारत को इस्लामीकरण की ओर धकेलना चाहते हैं।
पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, केरल, कर्नाटक — हर जगह जहां अवैध घुसपैठ हो रही है, जहां लव जिहाद, लैंड जिहाद और वोट जिहाद चल रहा है, वहां अब सख्त नजर पड़ेगी।
अमित शाह का यह कदम हिंदू राष्ट्र की रक्षा के लिए जरूरी है। लेकिन सिर्फ अध्ययन काफी नहीं! अब कार्रवाई चाहिए — घुसपैठियों को बाहर निकालो, फर्जी दस्तावेजों पर कार्रवाई करो, UCC लागू करो, और सीमा पर दीवार खड़ी करो। जो लोग भारत की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश रच रहे हैं, उन्हें जेल भेजो या देश निकाला दो!
यह लड़ाई सिर्फ बॉर्डर की नहीं, पूरे भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक अस्तित्व की है। अगर हमने आज नहीं रोका तो कल हमारे बेटे-बेटियां अल्पसंख्यक हो जाएंगे।

