पटना के चर्चित कोचिंग सेंटरों के बीच चल रहे हिंसक प्रतिद्वंद्विता का एक और शर्मनाक अध्याय सामने आया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक गेस्ट हाउस में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 13-14 जून 2026 की रात उसका शव नेपाल के विराटनगर स्थित होटल से बरामद किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में मौत का कारण ब्रेन हैमरेज बताया जा रहा है, लेकिन पूरी घटना पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं।
प्रिंस यादव 2 जून 2026 को खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए हमले और तोड़फोड़ के मामले में नामजद आरोपी था। खान सर की कोचिंग संस्थान पर पथराव, गार्ड से मारपीट और हंगामा करने का आरोप लगते ही प्रिंस यादव फरार हो गया था और नेपाल में छिपा हुआ था। इसी मामले में उसके भाई रौशन आनंद पहले से ही जेल में बंद हैं। पुलिस ने खान सर की शिकायत पर रौशन आनंद समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। अब प्रिंस यादव की मौत से पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
परिवार के सदस्यों को सूचना मिलते ही वे नेपाल रवाना हो गए हैं। नेपाल पुलिस ने मौके पर मौजूद 6-7 लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पटना पुलिस भी नेपाल की घटना से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
प्रिंस यादव की मौत की खबर फैलते ही पटना के पीरबहोर और कदमकुआं इलाकों में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने अतिरिक्त बल की तैनाती कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है। कोचिंग उद्योग में पहले से ही प्रतिद्वंद्विता चरम पर है। ज्ञान बिंदु और खान सर के बीच पुरानी रंजिश बताई जा रही है, जिसमें पहले भी हमले, पथराव और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं।
यह घटना बिहार के कोचिंग उद्योग में व्याप्त अराजकता, हिंसा और प्रतिस्पर्धा की काली सच्चाई उजागर करती है। छात्रों के भविष्य से जुड़े इस क्षेत्र में ऐसे अपराधिक कृत्य न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि पूरे माहौल को जहरीला बना रहे हैं। रौशन आनंद जेल में हैं और अब उनके भाई की संदिग्ध मौत—क्या यह दुर्घटना है या कोई साजिश?
पुलिस को पूरी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए। बिहार सरकार को कोचिंग सेंटरों में हो रही गुंडागर्दी पर लगाम कसनी होगी। अन्यथा ऐसे विवाद और हिंसा भविष्य में और बड़े रूप ले सकते हैं।
प्रिंस यादव की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों का भविष्य राजनीति और गुंडागर्दी की भेंट चढ़ने नहीं दिया जाना चाहिए।

