उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 9 जून 2026 को मंदिर निर्माण में लगे संत राममिलन दास उर्फ बाबा मिलन दास की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी इसराइल को 15 जून 2026 की तड़के यूपी पुलिस ने ताजपुर इलाके में मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस की कार्रवाई में आरोपी ने फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई गोलीबारी में वह ढेर हो गया। यह एनकाउंटर हिंदू समाज के लिए न्याय का प्रतीक बन गया है।
बाबा मिलन दास बांगरमऊ क्षेत्र में अपने मंदिर का निर्माण कर रहे थे और नियमित पूजा-पाठ व भजन-कीर्तन करते थे। परिवार के अनुसार, लाउडस्पीकर पर भजन और मंदिर निर्माण कुछ कट्टरपंथी तत्वों को पसंद नहीं आ रहा था। इसी वजह से इसराइल समेत उसके साथियों ने 9 जून को चाकू मारकर संत की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। परिजनों ने इंसाफ की मांग की तो पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इसराइल को घेरा और एनकाउंटर में उसे मार गिराया।
योगी आदित्यनाथ सरकार में अपराधियों को बख्शा नहीं जाता। तड़के 3:40 बजे हुई इस कार्रवाई में एक एसओजी कांस्टेबल भी घायल हुआ, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाई। उन्नाव एसपी जयप्रकाश सिंह ने मामले की पुष्टि की। परिजनों ने बाकी आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है और पुलिस ने उनकी तलाश जारी रखी है।
यह घटना हिंदू साधुओं, मंदिरों और धार्मिक स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों की एक और कड़ी है। छोटे-छोटे मुद्दों जैसे पूजा-पाठ और मंदिर निर्माण को बहाना बनाकर हिंदू संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्नाव जैसे इलाकों में ऐसे कट्टर तत्व हिंदू समाज की आस्था को कुचलने की कोशिश करते हैं, लेकिन योगी राज में अब अपराधियों को एनकाउंटर का डर सताता है।
इस एनकाउंटर से साफ है कि हिंदू समाज अब चुप नहीं रहेगा। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति सराहनीय है। बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। हिंदू एकजुट रहें और ऐसे अपराधों का पुरजोर विरोध करें। संत राममिलन दास की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।

