अहमदाबाद में एक नई और बेहद खतरनाक साजिश सामने आई है। करीम रफीकभाई सिपाही नाम के एक व्यक्ति ने मैट्रिमोनियल साइट पर ‘आदित्य पटेल’ बनकर हिंदू विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाया। खुद को आईटी इंजीनियर और प्लास्टिक का बड़ा कारोबारी बताकर महिलाओं का विश्वास जीता और उनसे पैसे ऐंठे। अहमदाबाद पुलिस ने VHP और बजरंग दल की मदद से इस लव जिहादी को गिरफ्तार कर लिया।
करीम रफीकभाई सिपाही मेहसाणा जिले के कडी का रहने वाला है। वह पहले से शादीशुदा है और इसका 20 साल का बेटा भी है। फिर भी मैट्रिमोनियल साइट पर ‘आदित्य पटेल’ बनकर महिलाओं से संपर्क करता था। वह खुद को हिंदू विधुर बताता था और कहता था कि उसकी पत्नी मर चुकी है। पुलिस को उसके पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, जीएसटी दस्तावेज और यहां तक कि पत्नी का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी मिला।
8000 से ज्यादा हिंदू महिलाओं के फोटो-वीडियो:
गिरफ्तारी के बाद करीम के मोबाइल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। उसके फोन से 8000 से अधिक हिंदू महिलाओं के फोटो और वीडियो बरामद हुए। शुरुआती जांच में करीब 20 महिलाओं को पहले ही निशाना बनाए जाने का पता चला है। कई महिलाओं के नाम से अलग-अलग फोल्डर बनाए गए थे।
विधवा महिला की सतर्कता से खुला राज:
मामला तब सामने आया जब एक हिंदू विधवा महिला, जो 4-5 महीने से इस व्यक्ति से बात कर रही थी, को शक हुआ। ट्रूकॉलर पर नाम ‘करीम रफीक’ दिखने पर महिला ने जांच शुरू की। आरोपित द्वारा दिए गए पते पर पहुंचने पर पता चला कि वो पता भी फर्जी था। महिला ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से संपर्क किया। दोनों संगठनों की मदद से पुलिस ने करीम को गिरफ्तार किया।
साजिश का खतरा:
यह घटना दिखाती है कि लव जिहाद अब मैट्रिमोनियल ऐप्स पर भी फैल चुका है। हिंदू महिलाओं को पैसे, संपत्ति और सम्मान लूटने के लिए ऐसे ठग नए-नए तरीके अपनाते जा रहे हैं। VHP और बजरंग दल की सतर्कता सराहनीय है। हिंदू समाज को अपनी बहनों-बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूक रहना होगा। ऐसे अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस को सभी पीड़ित महिलाओं तक पहुंचना चाहिए और पूरे गैंग की तह तक जाना चाहिए।

