हरियाणा के नूह जिले में 2 फरवरी 2024 को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे हिंदू समाज को झकझोर दिया। अब्बास नामक व्यक्ति ने घर के बाहर खेल रही मात्र 8 वर्षीय निर्दोष हिंदू बालिका का अपहरण कर लिया। इसके बाद उसने बालिका के साथ क्रूर बलात्कार किया और निर्मम हत्या कर दी। शव को सरसों के खेत में दफन कर दिया गया।
यह घटना लव जिहाद और हिंदू लड़कियों पर हो रहे लगातार हमलों की एक और कड़ी है। नूह जैसे क्षेत्र में जहां अवैध घुसपैठियों और तुष्टिकरण की राजनीति का बोलबाला है, हिंदू परिवारों की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। छोटी-छोटी बच्चियां भी अब इन दरिंदों के शिकार बन रही हैं।
फास्ट-ट्रैक POCSO कोर्ट ने अब्बास को उम्रकैद की सजा सुनाकर कुछ राहत दी है। पीड़िता के परिवार ने फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ सजा देने भर से न्याय मिल जाता है? ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों दोहराई जाती हैं?
बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और सख्त एक्शन की जरूरत है। नूह जैसी जगहों पर प्रशासन और सरकार को जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए। यह घटना हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर करती है।

