पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद TMC नेताओं के खिलाफ सरकारी राहत सामग्री की जमाखोरी और हेराफेरी के मामलों में कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में रविवार 31 मई 2026 को पूर्व बर्धमान जिले के पूर्वस्थली उत्तर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व TMC विधायक तपन चटर्जी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस को सूचना मिली थी कि तपन चटर्जी के घर पर सरकारी राहत सामग्री जमा करके रखी गई है। छापेमारी के दौरान उनके आवास से बड़ी मात्रा में तिरपाल, कंबल, फुटबॉल, वॉलीबॉल और अन्य खेल सामग्री बरामद हुई। ये सामग्रियां आमतौर पर आपदा प्रभावित लोगों, युवा क्लबों और शैक्षणिक संस्थानों में वितरित करने के लिए होती हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी सामान उनके घर के किचन से जुड़े एक कमरे में छिपाकर रखे गए थे।
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छापेमारी के समय TMC नेता के घर के बाहर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। जब पुलिस तपन चटर्जी को हिरासत में लेकर ले जा रही थी, तब स्थानीय लोगों ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। इस घटना ने इलाके में काफी आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस अब तपन चटर्जी से जुड़े अन्य गोदामों की भी तलाशी ले रही है और उनसे विस्तृत पूछताछ जारी है।
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सरकारी राहत सामग्री के कथित दुरुपयोग के इस मामले में तपन चटर्जी पर गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी सरकार के दौरान कई TMC नेताओं द्वारा राहत सामग्री को व्यक्तिगत फायदे के लिए जमा करने की शिकायतें लगातार आ रही थीं। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसे कई मामलों में एक्शन लिया जा रहा है।
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इससे पहले उत्तर 24 परगना जिले में बदुरिया नगर पालिका के चेयरमैन दीपंकर भट्टाचार्य के ठिकानों से हजारों सरकारी तिरपाल और भारी नकदी बरामद हुई थी। इसी तरह पूर्व मेदिनीपुर में पूर्व TMC विधायक तरुण कुमार मैती से जुड़े इलाकों से भी राहत सामग्री जब्त की गई थी।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई राज्य में TMC के भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम है। इससे ममता बनर्जी शासनकाल में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की पोल खुल रही है। विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
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