👉 पूर्व SC जज रोहिंगटन नरिमन का चौंकाने वाला बयान—
➡️ “अकबर को जालिम कहना मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।”
➡️ “कोर्ट पैनल बनाकर मुग़ल विरासत बहाल कर सकती है।”
❌ क्या अब न्यायपालिका तय करेगी कि बच्चों की किताबों में क्या पढ़ाया जाए?
❌ क्या अब अदालतें तय करेंगी कि अकबर को जालिम कहना अपराध है?
❌ इतिहास को चमकाने के लिए क्या सच को दबाना ज़रूरी है?
🔥 सच्चाई यह है कि अकबर और अन्य मुग़ल शासक आक्रांता थे, जिन्होंने जबरन धर्मांतरण करवाए, मंदिर तोड़े और भारत की संस्कृति को रौंदा। उन्हें "महान" बताना या उनकी विरासत को बचाना भारत के गौरवशाली इतिहास के साथ विश्वासघात है।
👉 एनसीईआरटी ने जब मुग़लों के महिमामंडन को हटाया, तब लाखों भारतीयों ने राहत की सांस ली थी। अब कुछ लोग उसी मुग़ल एजेंडा को न्यायपालिका की आड़ में वापस लाना चाहते हैं।
⚡ भारत का नया इतिहास बच्चों को सच्चाई सिखाएगा—
➡️ कि अकबर कोई "महान सम्राट" नहीं, बल्कि एक विदेशी आक्रांता था।
➡️ कि मुग़ल "विरासत" भारत की नहीं, लुटेरों की कहानी है।
🔥 न्यायपालिका का काम न्याय देना है, न कि आक्रांताओं की विरासत को बचाना।

