भारत और रूस के बीच न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग एक नई दिशा में बढ़ रहा है। रूसी प्रौद्योगिकियों के अनुसार, दोनों देशों के बीच नए प्रोजेक्ट्स के लिए सहयोग की बात हो चुकी है। इसके साथ ही, रूस की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक ने भारत के परमाणु उर्जा आयोग के अध्यक्ष के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की है।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स :
रूस ने नई साइट पर उच्च क्षमता वाले परमाणु ऊर्जा इकाइयों के निर्माण की पेशकश की है। इसके अलावा, भूमि-आधारित और अस्थायी कम-बिजली उत्पादन परियोजनाओं में भी सहयोग का सुझाव दिया गया है। रूस वर्तमान में भारत के तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना के निर्माण में भी सहायता कर रहा है।
सहयोग के प्राथमिक उद्देश्य :
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग के क्षेत्र में सहयोग करना है। इसके अलावा, भारत और रूस के बीच न्यूक्लियर तकनीकी सहयोग का विस्तार करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतिबद्धता :
रोसाटॉम राज्य परमाणु ऊर्जा निगम के महानिदेशक एलेक्सी लिकचेव ने भारत को अपनी पूरी सहायता का आश्वासन दिया है। इसके माध्यम से रूस ने अपने इकोलॉजिकल और तकनीकी ज्ञान को भारत के साथ साझा करने का संकल्प भी जताया है।
निष्कर्ष :
भारत-रूस के बीच न्यूक्लियर सहयोग की यह नई घटना संबंधों को और गहराई और समृद्धि से भरने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल ऊर्जा संकट के समाधान में मदद मिलेगी बल्कि यह भारत और रूस के बीच गर्म संबंधों का भी एक नया पहलु दर्शाएगा।

