आपको बता दे की जगतगुरु रामभद्राचार्य ने श्री कृष्ण जन्मभूमि को लेकर अपना बड़ा ऐलान किया है रामभद्राचार्य जी ने कहा है कि वह तब तक बिहारी जी के दर्शन करने नहीं जाएंगे जब तक की मथुरा में पूर्ण रूप से श्री कृष्ण जन्मभूमि को हासिल नहीं कर लिया जाता उन्होंने अयोध्या जन्म भूमि प्राप्ति के बाद कहा कि हमें काशी भी लेना है और मथुरा भी लेना है।
जगतगुरु रामभद्राचार्य जी के इस ऐलान के बाद मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत जी का वह बयान याद आता है जिसमें उन्होंने कहा था हमें हर मस्जिद में शिवलिंग देखने की जरूरत नहीं, जिस पर कुछ झट्टर हिंदुओं ने अपनी काफी आलोचना भी दी थी और मोहन भागवत जी का विरोध भी किया था। संघ को समझने वाले मोहन भागवत जी के इस बयान को समझ सकते हैं।
अगर हम भागवत जी के बयानों की गहराइयों को समझे तो पता चलता है कि उनके कहने का अर्थात था अयोध्या राम जन्म भूमि के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके अनुसांगिक संगठनों ने अपनी पूरी जोड़ लगा के अयोध्या राम जन्मभूमि को हासिल किया और अब समय आ गया है कि काशी हो या मथुरा सभी विवादित जगह के लिए समाज के बड़े बड़े धर्माचार्य, महंत, गुरु, साधु आगे आए और आज जगतगुरु रामभद्राचार्य जी जैसे लोग पूर्ण समर्थन के साथ इन विवादित जगह के लिए आगे आ रहे हैं।
वही हम दूसरी तरफ देखे तो कुछ हिंदू धर्म के अग्रिम संत शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित पद पर बैठे लोग अपने अभियान में चूर होकर के कुछ भी बोल रहे है।

