कानपुर शूटआउट : विकास दुबे के संपर्क में थे तीन पुलिसकर्मी, इनकी वजह से ही...

जैसा कि आप सब को ज्ञात हो बीते कुछ दिन पहले विकास दुबे नाम के कुख्यात अपराधी ने कानपुर में मुठभेड़ के दौरान 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में सनसनी मच गई थी आपको बता दें कि अब जाकर के इस शूटआउट में एक खुलासा हुआ है, अभी तक की मिल रही जानकारी के अनुसार विकास दुबे के संपर्क में चौबेपुर पुलिस थाने के दो दरोगा तथा एक सिपाही शामिल थे। यह खुलासा विकास दुबे तथा इन तीन पुलिसकर्मियों के कॉल डिटेल से हुआ है। इन तीन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने के बाद इन को सस्पेंड कर दिया गया है और इस मामले की जांच तेजी से शुरू कर दी गई है।





बीते दिन विकास दुबे का करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री पकड़ा गया था:-
अगर आपको ज्ञात हो तो बीते दिन रविवार को विकास दुबे करीबी  दयाशंकर अग्निहोत्री पुलिस की गिरफ्त में पकड़ा गया था जहां उसने कबूल किया कि विकास दुबे ने ही पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई थी।साथ ही साथ दयाशंकर ने यह भी बताया कि रेड की खबर विकास दुबे को थाने से ही पता चली थी, जिसके बाद विकास दुबे ने अपने 25 लोगों को बुलाया था और यह सभी लोग हथियारों से लैस थे जिसके बाद मुठभेड़ हुई और 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।दयाशंकर अग्निहोत्री के इस खुलासे के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज की और उन पुलिसकर्मियों की तलाश शुरू कर दी थी जो विकास दुबे के लगातार संपर्क में था। 

चौबेपुर पुलिस थाने के सभी पुलिसकर्मियों के 1-1 कॉल डिटेल खंगाले गए और इसी दौरान पुलिस ने पाया कि चौबेपुर के तीन पुलिसकर्मी विकास दुबे के संपर्क में थे, जिसके बाद एसएसपी ने आरोपी दरोगा कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा के साथ कॉन्स्टेबल राजीव को सस्पेंड कर दिया है और साथ ही साथ इन तीनों पुलिसकर्मियों पर अब जांच भी शुरू हो गई है। 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले विकास दुबे की तलाश पुलिस लगातार कर रही है और इसके लिए पूरे इलाके में लगातार छापे भी मारे जा रहे हैं। साथ ही साथ आपको बता दें कि विकास दुबे की संपत्ति और बैंक खातों पर भी पुलिस अपनी नजर बनाई हुई है ताकि कोई सुराग हाथ लगे। चिंता की बात यह है कि 3 दिन बाद भी विकास दुबे का कोई सुराग नहीं मिला है और विकास दुबे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।



क्या है मामला:-
आपको बता दें कि बीते गुरुवार रात को कानपुर के देहात बिकरू गांव में विकास दुबे के छुपे होने की पुलिस को खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस की टीम छापेमारी करने गई थी। इस टीम की अगुवाई क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा कर रहे थे। जैसे ही पुलिस की टीम विकास दुबे के घर के पास पहुंची वहां एक जेसीबी मशीन खड़ी थी जिसकी वजह से गाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रही थी लिहाजा पुलिस टीम को घर से कुछ दूर पहले अपनी गाड़ी को छोड़ना पड़ा। पुलिस की टीम जैसे ही उतर कर विकास दुबे के घर के और बढ़ रही थी वहां घात लगाए बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जब तक पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते काफी पुलिसकर्मी घायल होकर जमीन पर गिर चुके थे। इस शूटआउट में सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे, जिसके बाद विकास दुबे अब तक फरार है।



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