एक हाथ में सूटकेस एक हाथ में बच्चा और तय किया 1000 किलोमीटर का सफर पढ़ें दर्द की ये रिपोर्ट

कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों के एक से बढ़कर एक वाकये सामने आ रहे हैं, जिनमें उनकी जीवटता का पता चलता है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें एक महिला के हाथ में ट्रॉली बैग था तो दूसरे हाथ में 9 महीने का मासूम बेटा.इस वीडियो के बारे में जब एक न्यूज एजेंसी ने  पता  किया तो सामने आया कि इंदौर में एक संस्था के सदस्य ने यह वीडियो कुछ दिन पहले बनाया था जब वह इंदौर बायपास पर लोगों को पानी पिला रहे थे.उस वीडियो में दिख रहा था कि कैसे तपती धूप में एक मां गुजरात के सूरत से एक हजार किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर इंदौर तक आ गई थी. उसके पास न तो पैसे थे और न मासूम के दूध के लिए कोई व्यवस्था हो पा रही थी.




फॉर सेवा ऑल इंडिया मोमेंट सेवा ने महिला की मदद की :-
जब इस महिला पर एम फॉर सेवा ऑल इंडिया मूमेंट सेवा समिति के लोगों की नजर पड़ी तो उसके भोजन और पानी के साथ जाने की व्यवस्था भी की.महिला का वीडियो बनाने वाले और मदद करने वाले अजय गुप्ता ने बताया कि ये बात करीब 8-9 दिन पुरानी है. दोपहर के करीब 3 बजे थे. भरी दोपहर में हम लोग बायपास जाने वाले मजदूरों को पानी पिला रहे थे. तभी मेरी नज़र रोड पर पड़ी जहां एक महिला सूटकेस लेकर चल रही थी.महिला के एक हाथ में 9 महीने का बच्चा था और दूसरे हाथ में सूटकेस. वह अपने मासूम बेटे को लेकर तपती धूप में चल रही थी. सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह इंदौर पहुंची थी. वह सूरत से आई थी और प्रयागराज जा रही थी. उस महिला का नाम मधु और उसके पति का नाम दिनेश है. उसे पुलिस की मदद से कानपुर तक भिजवाया गया.


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