जो सुझाव राहुल गाँधी ने माननिये प्रधानमंत्री को कोरोना के लिए दिए है वो वाकई सोचने योग्य है।

समाचार के मुख्य बिंदु :-

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कोरोनावायरस  पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मीडिया से बात की।राहुल गाँधी ने कॉन्फ्रेंसिंग में  कहा कि देश में लागू किया गया लॉकडाउन संक्रमण रोकने का हल नहीं है, यह इस समस्या के लिए किसी पॉज बटन के जैसा है , संक्रमण रोकने के लिए आक्रामक तरीके से टेस्ट किए जाने चाहिए और इसे बढ़ाना चाहिए। राहुल गाँधी ने लॉकडाउन के बाद खाने, रोजगार और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी  बात की । राहुल ने कहा कि मैं कई मुद्दों पर मोदी जी  से असहमत हो सकता हूं, लेकिन अभी उसका वक्त नहीं है, अभी हमें मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ना है। राहुल ने यकीन जाहिर किया कि अगर हिंदुस्तान कोरोना के खिलाफ मिलकर लड़ेगा तो आसानी से जीत सकता  है.


टेस्टिंग की संख्या को  बढ़ाना होगा:-
राहुल गांधी ने मोदी सरकार को सलाह देते हुए कहा कि देश में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग होना चाहिए, अभी 10 लाख लोगों में केवल 199 लोगों की टेस्टिंग हो रही है। राहुल गांधी ने आगे कहा की वायरस से लड़ने के लिए हमें राज्य और जिला स्तर पर काम करने की जरूरत है। केरल में इसके सफल होने का कारण यही है कि इसे जिला स्तर पर रोकने पर काम किया गया। रैंडम टेस्टिंग की देश में जरूरत है।

न्याय योजना का नाम बदलकर ही पैसे दे दीजिए:-
राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए देश को दो मोर्चों पर ज्यादा काम करने की जरूरत है- एक हेल्थ और दूसरा अर्थव्यवस्था। फूड का सेफ्टी नेट तैयार करना होगा। जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी मुफ्त राशन दीजिए।लॉकडाउन के चलते गरीब भूख से तड़प रहे हैं। सरकारी गोदामों में अनाज भरा पड़ा है, लेकिन वह गरीबों के घर तक नहीं पहुंच रहा है। खाने की बड़ी समस्या होगी, इस पर ध्यान देना चाहिए।साथ ही न्याय योजना के तहत पैसे दीजिए, भले ही आप इस योजना का नाम न दें और दूसरा नाम यूज करें।


नरेंद्र मोदी पर क्या कहा राहुल गांधी ने:-
पीएम मोदी से कहां कमी रह गई के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि जिस दिन कोविड-19 को हिंदुस्तान ने हरा दिया, उस दिन बताऊंगा कि सरकार से कमी कहां रह गई। आज मैं कंस्ट्रक्टिव सजेशन देना चाहता हूं, तू-तू-मैं-मैं नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि मैं बहुत सी बातों में नरेंद्र मोदी से असमहत होता हूं, मगर आज मोदी जी से लड़ने का समय नहीं, बल्कि एकजुट होकर कोरोना वायरस से लड़ने का समय है। साथ ही उन्होंने जाति-धर्म को भूलकर वायरस से लड़ने की  बात भी कही। 


अभी क्या स्थिति है देश में कोरोना की:-
देश में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों की संख्या गुरुवार को 414 हो गई और मामलों की संख्या बढ़कर 12,380 तक पहुंच गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 के 10,477 मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है, जबकि 1,488 लोग ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।   


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