CAA दंगाइयों को मुफ्त क़ानूनी सहायता देने की बात की थी अब खुद को जरुरत परी वकील की, पढ़े पूरी खबर।

समाचार के मुख्य भाग :-

जो आतंकी हरकत ( terrorist act)  कश्मीर (Kashmir) में हुआ करता था उसको कहीं न कहीं आंशिक रूप से ही सही पर भारत (India ) के अन्य हिस्सों में लागू करने का प्रयास किया जाता रहा है.ध्यान देने योग्य है कि CAA विरोध के दौरान हुए दंगे (riots ) और सार्वजनिक सम्पति के नुकसान के चलते समाज में आक्रोश है . सरकार ने कड़े एक्शन दंगाइयो (rioters) पर लिए तो कुछ ऐसे तत्व निकल कर बाहर आये जिन्हें स्लीपर सेल (sleeper cells) भी कहा जा सकता है. एक अभियान जैसा चलाया गया और खुल कर एलान किया गया कि जो भी इस दंगे में पुलिस की जांच के दायरे में हैं, उनको मुफ्त कानूनी सहायता (free legal aid) दी जायेगी. इस एलान को वायरल करने में कानपुर (Kanpur) का एक तथाकथित वकील अब्दुल हन्नान ( Abdul Hannan) सबसे आगे था.लेकिन दुस्साहस बढ़ता गया और इसने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) पर निन्दनीय टिप्पणी की. ये टिपण्णी भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी (spokesperson Shalabhamani Tripathi) के हैण्डल पर की गई थी जिसका भारी विरोध जनता में भी हुआ था. आख़िरकार इस पर एक्शन हुआ है और हन्नान को कानपुर पुलिस ने धर-दबोचा. उसके खिलाफ आईटी एक्ट और देशद्रोह की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है. कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया. डीआईजी अनंत देव के मुताबिक अब्दुल हन्नान ने अपने ट्विटर अकाउंट (Twitter account) से सीएम पर अभद्र टिप्पणी की थी जिसकी शिकायत मिलते ही  साइबर सेल प्रभारी लान सिंह (cyber cell in-charge Lan Singh ) ने हन्नान को गिरफ्तार किया है.



ऐसी तमाम खबर पढ़ने और वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे:-
  





आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 


Reactions