Engहिंदी

Get App

हम राजनीती एवं इतिहास का एक अभूतपूर्व मिश्रण हैं.हम अपने धर्म की ऐतिहासिक तर्क-वितर्क की परंपरा को परिपुष्ट रखना चाहते हैं.हम विविध क्षेत्रों,व्यवसायों,सोंच और विचारों से हो सकते हैं,किन्तु अपनी संस्कृति की रक्षा,प्रवर्तन एवं कृतार्थ हेतु हमारा लगन और उत्साह हमें एकजुट बनाये रखता है.हम आपके विचारों के प्रतिबिंब हैं,आपकी अभिव्यक्ति के स्वर हैं,हम आपको निमंत्रित करते हैं,अपने मंच 'BharatIdea' पर,सारे संसार तक अपना निनाद पहुंचायें.

राहुल गांधी की कुर्सी के कांग्रेस में 2 दावेदार, चौंका देगा दूसरे का नाम?




राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की बुरी हार के बाद 25 मई को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में अपने इस्तीफे की सिफारिश की थी जिसे कमेटी ने वापस कर दिया था. इसके बावजूद राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे को नए अध्यक्ष के मिल जाने तक के लिए टाल दिया था. अब इस मामले में एनडीटीवी इंडिया के सूत्रों ने दावा किया है कि प्रियंका गांधी भी अध्यक्ष नहीं बनेंगी. राहुल गांधी ने पिछली कार्यसमिति की बैठक में साफ भी कर दिया था कि इसमें प्रियंका गांधी को न घसीटा जाए. वहीं सोनिया गांधी भी अपने स्वास्थ्य के चलते पार्टी में अपनी सक्रियता कम कर चुकी हैं. ऐसे में कांग्रेस के बड़े सूत्रों ने चैनल को बताया है कि अगला अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा और उसके चयन की घोषणा अगले दो सालों में हो जाएगी.




चैनल के अनुसार अगला कांग्रेस अध्यक्ष वही होगा जिसपर गांधी परिवार की सहमति होगी साथ ही वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी स्वीकार्य होगा. चैनल के सूत्रों के अनुसार चूंकि महाराष्ट्र में चुनाव होने वाले हैं ऐसे में किसी मराठी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाए. हालांकि एक बात साफ कर दी गई है कि अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की वापसी नहीं होगी. दरअसल कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लगने लगा है कि कांग्रेस के अध्यक्ष को लेकर बने भ्रम के चलते कई राज्यों में पार्टी के नेताओं में अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है.




उधर नवभारत टाइम्स ने कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के हवाले से लिखा है, नए उत्तराधिकारी के बारे में काफी मंथन के बाद पार्टी के सदस्यों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि कांग्रेस के दो कार्यकारी अध्यक्ष होने चाहिए, उनमें से एक अगर दक्षिण भारत से हो तो पार्टी के लिए अच्छा होगा. वहीं, एक प्रस्ताव यह भी है कि कार्यकारी अध्यक्ष अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों में से होने चाहिए.“इस संबंध में कुछ नाम प्रस्तावित भी किए गए हैं. इनमें अनुसूचित जाति के दो नेता सुशील कुमार शिंदे और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं. इनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी युवा अध्यक्ष के तौर लिया गया है. सूत्रों ने बताया कि नया सेट-अप संसद के बजट सत्र से पहले हो सकता है.





Breaking News
Loading...
Scroll To Top