बीजेपी सांसद ने पूछा कब बनेगा राम मंदिर, राजनाथ सिंह ने दिया ये जवाब ?..



दोस्तों स्वागत है आपका भारत आइडिया में तो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं श्री राम जन्मभूमि अयोध्या राम मंदिर के बारे में जिस पर भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने बैठक के दौरान राजनाथ सिंह से पूछा कि मंदिर निर्माण कब होगा तो राजनाथ सिंह की तरफ से जवाब मिला कि अभी हमें थोड़ा इंतजार करना होगा तो आइए पूरी खबर जानते हैं.



क्या है मामला :
बीजेपी सांसद हरिनारायण राजभर ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद कहा कि हम लोगों ने संसदीय दल की बैठक में कानून बनाकर राम मंदिर बनाने की मांग को उठाया. जिसके बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा.लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर के मसले पर सियासत जारी है. हिंदूवादी नेता और आरएसएस-वीएचपी जैसे संगठन लगातार मोदी सरकार से राम मंदिर पर कानून बनाए जाने की मांग कर रहे हैं. वहीं सरकार का कहना है कि संविधान के दायरे में रहकर कोई भी कदम उठाया जाएगा.कल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की संसदीय दल की बैठक में उत्तर प्रदेश के घोसी से सांसद हरिनारायण राजभर ने राम मंदिर तुरंत बनाये जाने की मांग की. जिसपर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद नहीं थे.



क्या कहा राजभर ने :
राजभर ने बैठक के बाद कहा, ''हम लोगों ने संसदीय दल की बैठक में कानून बनाकर राम मंदिर बनाने की मांग को उठाया. गृहमंत्री ने थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा. लेकिन मेरा मानना है कि जब 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाने के लिए न सरकार और न कोर्ट की जरूरत पड़ी. तो जनता राम मंदिर भी खुद बना सकती है. अब तो सिर्फ राम मंदिर बनाना है. हिंदुओं को चाहिए कि वह राम मंदिर बनाए.उन्होंने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि जनता की आवाज को हमने रखा और कहा कि राम मंदिर जल्द से जल्द बने. इसलिए कि अयोध्या में राम की जगह है बाबर की नहीं. सारे सांसद ने हमारी मांग का समर्थन भी किया.राम मंदिर पर कल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी बयान दिया. उन्होंने एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि अयोध्या मुद्दे पर जब रूख अपनाये जाने की बात होगी तब सरकार संवैधानिकता के साथ-साथ जरूरत, दोनों ही मुद्दों को ध्यान में रखेगी.



अरुण जेटली ने भी दिया बयान :
उन्होंने कहा कि मामले  में सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए, वो सरकार विचार करके उठाएगी और वे परिलक्षित होंगे.’जेटली ने कहा, की उनमें जरूरत दिखेगी, यह कानूनी औचित्य परिलक्षित होगा और एक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले की संवैधानिकता दिखाई देगी. जेटली ने कहा कि चिंता और तनाव पर विचार करते हुये वह मंदिर मुद्दे का एक शुरूआती समाधान चाहेंगे. हालांकि अदालत की मुश्किलों को भी समझा जा सकता है.आपको बता दें कि राम मंदिर को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए वीएचपी, शिवसेना और आरएसएस अयोध्या, नागपुर और दिल्ली में रैलियां कर चुकी है. मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है और अदालत ने जनवरी में याचिका पर सुनवाई की बात कही है. हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट जानबूझकर मामले को टाल रहा है. लेकिन अब राम मंदिर के लिए इंतजार नहीं किया जा सकता है.


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