कांग्रेस का घटिया बयान मनोहर पारिकर की श्राद्ध की बात की.


नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका भारत आइडिया में तो दोस्तों जैसा आप सबको पता है कि कांग्रेस हमेशा से अपने घटिया बयान के लिए जानी जाती रही है और फिर से कांग्रेस के एक बड़े नेता ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर पर एक घटिया बयान देते हुए श्राद्ध की बात कही है.

कांग्रेस का घटिया बयान मनोहर पारिकर की श्राद्ध की बात की.

क्या है मामला:
जी हां दोस्तों आपने सही सुना गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर की खराब तबीयत पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है और इसी बीच गोवा की राजनीति लगातार गर्म होती नजर आ रही है और कांग्रेस अपनी घटियापन भी लगातार दिखाती जा रही है और मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि कांग्रेस नेता जितेंद्र देश प्रभु ने कहा है कि हमारे मन में इस प्रकार की संकाय पैदा हो रही है कि क्या अभी मुख्यमंत्री है भी या नहीं, यदि आपके पास मुख्यमंत्री नहीं है तो उनका उठाला करो या श्राद्ध करो. आप मुख्यमंत्री को दिखाओ तो सही हम यह देखना चाहते हैं कि क्या वह चल रहे हैं, बात कर रहे हैं.


कांग्रेस का घटिया बयान:
कांग्रेस के नेता जितेंद्र देशप्रभु के अलावा कांग्रेस ने सोमवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर 14 अक्टूबर से दिखाई नहीं दिए हैं संभवत वह जीवित नहीं है जबकि भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की इस टिप्पणी को सिरे से नकार दिया है.आपको बता दें कि मनोहर पारिकर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से 14 अक्टूबर को लौटने के बाद एक बार भी सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं तथा वह अपने निजी निवास में बिस्तर पर हैं और ऐसे में कांग्रेस अपनी घटिया पन दिखाते हुए ऐसी बात कहती है तो इससे बड़ी शर्मनाक राजनीति नहीं हो सकती.


भाजपा ने दी सफाई:
भारतीय जनता पार्टी सूत्रों के अनुसार उनके निजी निवास को एक अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है और चौबीसों घंटे वह डॉक्टरों की निगरानी में है ताकि उनकी सेहत जल्द से जल्द ठीक हो सके तो वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द रहने वाले अधिकारियों का एक समूह उनकी उपस्थिति में अवैध तरीके से निर्णय ले रहा है लेकिन भाजपा ने कांग्रेस के इस बयान को हताशा का परिणाम बताया है और आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने राजनीति की बातचीत के स्तर को बहुत नीचे गिरा दिया है.


संपादक : विशाल कुमार सिंह

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