हार्डकोक उद्योग से जुड़े मजदूरों की बस एक ही मांग है आइए जानते हैं उस मांग को



नमस्कार दोस्तो आप सभी का स्वागत है भारत आइडिया में, आज हम बात करने जा रहे हैं, हार्ड कॉक उद्योग से जुड़े मजदूरों की बस एक ही मांग  कोल इंडिया व बीसीसीएल से आये जानते है विस्तार से !



ब्रिटिश हुकूमत से लेकर आजाद भारत में कोयलाअंचल के जिस    हार्डकोक उद्योग ने लाखों मजदूरों को रोजगार दिया। अर्थव्यवस्था को मजबूती दी। आज वही उद्योग कोयला संकट की वजह से आखरी सांसे गिन रहा है, कोल माफिया और रंगदारओं के चलते हार्डकोक उद्योग बंद होने के कगार पर है। जबकि जनप्रतिनिधि खामोश बने हुए हैं ,इन सबके बीच 70,000 असंगठित मजदूरों के रोजगार पर ग्रहण लगता दिख रहा है।
हार्डकोक उद्योग से जुड़े मजदूरों की बस एक ही मांग है, कि कोल इंडिया एवं बीसीसीएल से उन्हें फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट के तहत समय पर लिंकेज के कोयले की हो।




लेकिन ,पिछले एक दशक से इन्हें लिंकेज के कोयले की आपूर्ति समय पर नहीं हो रही है ,नतीजा धनबाद में जहां 142 हार्डकॉक उद्योग चलते थे । अब घटकर मात्र 98 बच्चे हुए हैं, हाल में मुख्यमंत्री जनसंवाद में यह शिकायत पहुंची थी कि धनबाद के 98 हार्डकोक भट्टा कोयला चोरी में  सलिप्त है। इस पर उद्योगपतियों का संगठन जीटा और आईसीए ने कड़ी आपत्ति जाहिर की थी।


यह जानना भी आप सभी के लिए आवश्यक:

आपको यह बता दे कि कोकिंग कोल को हार्ड कॉक उद्योग में तैयार कोयले की सबसे ज्यादा मांग स्टील, इस्पात सहित दूसरे उद्योगों में होती है । धनबाद में कोयला खदान एवं कोलियरी क्षेत्र के आसपास सबसे ज्यादा मजदूरों को रोजगार हार्डकोक भट्टा ही देती है। चंद रुपए की मजदूरी के लिए प्रतिदिन सैकड़ों मजदूर गर्म आग के गोले और कोयले की धूल में खुद को झुकते नजर आते हैं। अब अगर इनसे यह काम भी छीन जाएंगे तो इन मजदूरों के पास पलायन के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं होगा। 


आखिर स्थानीय विधायक का :

विधायक राज सिन्हा ने कहा कि हार्डकोक व्यवसायियों ने अब तक उनके सामने कोयला संकट की बात नहीं बताई है। वह इस मामले को सीएम से लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री तक पहुंचाएंगे। वही हार्डकोक  उद्योग पर कोयला चोरी के आरोप की जांच के लिए उपयुक्त जिला स्तरीय टीम गठित का ऐलान किया है। 
इन सबके बीच हार्ड कॉक उद्योग आज दूसरे उद्योगों को ईंधन आपूर्ति करने की बजाय खुद के लिए संजीवनी की तलाश में है।





संपादक:आशुतोष उपाध्याय 

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