मुकेश अंबानी ने किया सबसे बड़ा खुलासा, जानिए किसने दिया था JIO का आइडिया

मुकेश अंबानी ने बताया , किसने दिया था JIO का आइडिया।

बेंगलुरू :
देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो (Reliance Jio) को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया है. भारतीय बाजार में जियो के आने के बाद टेलीकॉम मार्केट में जबरदस्त होड़ मची हुई है. इतना ही नहीं रिलायंस जियो ने दो साल में ही ही भारत को सबसे दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल ब्रॉडबैंड इस्तेमाल करने वाला देश बना दिया है. मुकेश अंबानी ने लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान जियो का आइडिया कैसे आया इसके बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि जियो (Jio) का आइडिया उनकी बेटी ईशा अंबानी ने दिया था. उन्होंने बताया कि बेटी ईशा ने साल 2011 में जियो का आइडिया दिया था.

जियो ने 31 बिलियन डॉलर का निवेश किया

मुकेश अंबानी गुरुवार रात लंदन में रिलायंस इंडस्ट्रीज को 'ड्राइवर्स ऑफ चेंज' अवॉर्ड मिलने के मौके पर बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने बताया कि जियो के जरिए रिलायंस ने भारतीय टेलीकॉम मार्केट में 31 बिलियन डॉलर (करीब दो हजार करोड़ रुपये) का निवेश किया है. सितंबर 2016 में शुरू हुए रिलायंस जियो ने लॉन्चिंग के बाद ही बाजार में तहलका मचा दिया. इसके बाद दूसरी कंपनियों को अपना यूजर बेस बचाने के लिए सस्ते रेट्स पर खुद को उतरना पड़ा.


बेटी ईशा ने दिया आइडिया

इस मौके पर मुकेश अंबानी ने बताया कि मेरी बेटी साल 2011 में येल यूनिवर्सिटी में पढ़ने के दौरान छुट्टियों में घर आई थी. इस दौरान वह कॉलेज का काम कर रही थी, उसे कॉलेज के असाइनमेंट सब्मिट करने थे. तब उसने कहा कि पापा हमारा इंटरनेट बहुत खराब है. उन्होंने बताया कि ईशा और उसका जुड़वा भाई आकाश युवा हैं. यूथ जेनरेशन बेस्ट बनने के लिए बहुत इंतजार नहीं करना चाहती. इन्होंने ही मुझे यह मनवाया कि ब्रॉडबैंड इंटरनेट वह तकनीक है जिससे भारत को दूर नहीं रखा जा सकता.

महंगा डाटा भारतीयों की पहुंच से दूर था

मुकेश अंबानी ने कहा कि साल 2011 में इंडिया खराब कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहा था. तेज स्पीड वाले डाटा महंगा होने के कारण आम भारतीयों की पहुंच से दूर था. जियो ने बाजार में आकर सस्ती दर पर इंटरनेट डाटा दिया. हमने सितंबर 2016 में जियो को लॉन्च किया और आज यह सबसे बड़ा गेम चेंजर साबित हुआ. अंबानी ने कहा कि जियो (अफोर्डेबल डाटा) 2019 में भारत को लीडर बनाएगा. मेरी

भारत विज़न की सोच इस समाचार पर

तो दोस्तों हम ये बात तो मान  ही सकते है की जिओ  ने भारत के हर छेत्र में अपनी जगह बना ली है चाहे वो सहरी इलाका हो या गाओ का। जिओ ने हमारी युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने में भी काफी मदद किया है तो अंत में बस मई इतना ही कहना चाहना की , जिओ से और भी चैत्र की कंपनी कुछ सिख ले और अपना बिज़नेस बढ़ाने के साथ साथ देश को भी आगे बढ़ने के बारे में सोचे। 

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