Default Image

Months format

View all

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

404

Sorry, the page you were looking for in this blog does not exist. Back Home

Ads Area

US का ईरान पर ताबड़तोड़ हमला: खामेनेई के जनाजे से पहले पुल उड़ाए, 90 ठिकानों पर बम बरसाए

अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरे दिन भी आक्रामक हमले जारी रखे हैं। सीजफायर खत्म होते ही अमेरिकी सेना ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर बम बरसाए। इन हमलों में ईरानी डिफेंस सिस्टम, ड्रोन-मिसाइल स्टोरेज साइट्स, लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कई अहम बंदरगाहों को निशाना बनाया गया। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे से पहले मशहद जाने वाले दो महत्वपूर्ण ब्रिज को भी उड़ा दिया गया, जिससे ईरान में हड़कंप मच गया है।


9 जुलाई 2026 को हुई इस ताजा कार्रवाई में अब्बास, सीरिक, चाबहार, जास्क, बुशेहर और अबू मूसा द्वीप जैसे अहम इलाकों पर हमले रिपोर्ट किए गए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, आग की लपटें उठीं और आसमान में धुएं के गुबार छा गए। चाबहार और कोनारक के पास हमले में दो मछुआरों की मौत की भी खबर है। अक्काला में रेलवे पुल को भी नष्ट कर दिया गया, जिससे चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

ट्रंप की धमकी और हमले का ऐलान :
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जुलाई को अंकारा में NATO समिट के दौरान सीजफायर खत्म करने का ऐलान करते हुए ईरानी नेताओं को ‘बीमार मानसिकता वाले’ बताया था। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता अब समाप्त हो गया है और अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। ट्रंप की इस चेतावनी के कुछ घंटों बाद ही अमेरिका ने हमले शुरू कर दिए। US Central Command ने दावा किया कि ये हमले ईरान द्वारा कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करने के जवाब में किए गए हैं।

खामेनेई के जनाजे पर हमला ?
ईरान के IRGC ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने खामेनेई की अंतिम यात्रा को प्रभावित करने के लिए मशहद जाने वाले दो पुलों को जानबूझकर उड़ा दिया। ईरानी सेना ने बदले की धमकी दी है और कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तैयारी की बात कही है। दोनों देशों में सायरन बज रहे हैं और सुरक्षा अलर्ट जारी है।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा रोकना मकसद :
अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान की क्षमता को कम करना है। यह स्ट्रेट ग्लोबल ऑयल शिपिंग का महत्वपूर्ण रूट है। ईरान के टैंकर हमलों के बाद शिपिंग बाधित हुई है। एक भारतीय तेल टैंकर को भी ओमानी तट पर वापस भेज दिया गया। ओमान और UN ने अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाया है ताकि जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके।

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने ट्रंप को ‘क्रिमिनल’ करार दिया है। दोनों तरफ से बदले की धमकियां जारी हैं, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। वैश्विक तेल कीमतों पर असर पड़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर रखे हुए है।
यह संघर्ष न सिर्फ ईरान-अमेरिका के बीच है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता को चुनौती दे रहा है। आगे की घटनाएं तय करेंगी कि यह युद्ध कितना फैलता है।