बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर लव जिहाद का भयानक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मोहम्मद शमशाद आलम नाम का एक मुस्लिम ऑटो ड्राइवर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर अपनी व्हाट्सएप डीपी में लगाकर मासूम हिंदू लड़कियों को फंसाता था। इस बार उसकी नजर 13-14 साल की एक नाबालिग हिंदू बच्ची पर पड़ी। शमशाद ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया और लगातार तीन दिनों तक उसके साथ बलात्कार किया।
शनिवार सुबह पटना के तारामंडल इलाके के पास परिवार वालों ने बच्ची को ऑटो की पिछली सीट पर बेहोश हालत में शमशाद के साथ देखा। परिवार ने तुरंत आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़िता को न्यू गार्डिनर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। बच्ची पूरी तरह बेसुध है और किसी से बात नहीं कर पा रही है।
लड़की के चाचा ने पुलिस को बताया कि बच्ची तीन दिन पहले घर से सामान खरीदने निकली थी। उसके बाद वह लापता हो गई। गर्दनीबाग थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चाचा ने खुलासा किया कि शमशाद आलम हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाने के लिए जानबूझकर शिव-पार्वती जैसी हिंदू देवी-देवताओं की फोटो अपनी डीपी में लगाता था। वह रैपिडो और ओला जैसी सेवाओं में ऑटो चलाता है और पूरे पटना में घूमकर शिकार ढूंढता था।
पुलिस पूछताछ में शमशाद ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है। साल 2025 में उसने यारपुर की एक हिंदू लड़की से हाईकोर्ट मजार के पास निकाह किया था। उनके 8 महीने की एक बच्ची भी है। इस 14 साल की नाबालिग से भी उसने मैनपुरा मंदिर में शादी करने का दावा किया। आरोपी वैशाली जिला का रहने वाला है और पटना के गर्दनीबाग में किराए के मकान पर रहता था।
यह मामला सिर्फ एक लौती घटना नहीं है। बिहार में लव जिहाद के ऐसे दर्जनों मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हिंदू परिवारों की बेटियां स्कूल जाते समय, बाजार जाते समय या सोशल मीडिया पर संपर्क बनने के बाद गायब हो जाती हैं। बाद में या तो जबरन कन्वर्शन या फिर शादी का नाटक रचा जाता है। शमशाद जैसे आरोपी धार्मिक भावनाओं का गलत फायदा उठाते हैं। हिंदू भगवानों की छवि का इस्तेमाल करके विश्वास जीतते हैं और फिर दरिंदगी पर उतर आते हैं।
बिहार में हिंदू बेटियों की सुरक्षा पर सवाल:
यह घटना नीतीश कुमार सरकार और बिहार पुलिस की नाकामी को उजागर करती है। UCC (Uniform Civil Code) अभी तक लागू नहीं हुआ है। लव जिहाद पर सख्त कानून की मांग लंबे समय से चल रही है, लेकिन राजनीतिक वोट बैंक की राजनीति के चलते इसे टाल दिया जाता है। पटना जैसे शहरी इलाकों में भी नाबालिग लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं तो गांवों की स्थिति क्या होगी?
परिवार का दर्द देखते ही बनता है। एक 8वीं क्लास पढ़ने वाली बच्ची, जो निर्दोष थी, तीन दिन तक एक दरिंदे के शिकंजे में रही। उसकी मासूमियत को कुचल दिया गया। अस्पताल में बेहोश पड़ी बच्ची का चेहरा देखकर किसी भी व्यक्ति का खून खौल उठता है।
लव जिहाद का पैटर्न:
शमशाद का तरीका क्लासिक लव जिहाद का है -
- हिंदू देवताओं की DP लगाकर विश्वास जीतना
- ऑटो या सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बनाना
- बहला-फुसलाकर अगवा करना
- जबरन संबंध बनाना और निकाह का नाटक
पिछले कई वर्षों में बिहार में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया गया। कुछ मामलों में लड़कियां वापस परिवार के पास आईं तो उनके बयान दर्ज कराए गए, लेकिन कई मामलों में न्याय नहीं मिला।
बिहार सरकार को तुरंत:
- इस मामले में POCSO एक्ट, IPC की सख्त धाराओं के तहत FIR दर्ज कर आरोपी को रिमांड पर लेना चाहिए।
- शमशाद के पिछले मामलों की जांच करनी चाहिए।
- पूरे बिहार में लव जिहाद मॉनिटरिंग सेल बनाना चाहिए।
- स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
हिंदू संगठनों, संतों और समाज को भी सक्रिय होना होगा। हर हिंदू परिवार को अपनी बेटियों को सतर्क रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर अजनबियों से बात न करने की सलाह दें। पटना का यह मामला चेतावनी है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हिंदू समाज की बेटियां लगातार शिकार होती रहेंगी।

