बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं के साथ फिर खिलवाड़ किया गया है। गाइबांधा जिले में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा और मंदिर निर्माण का काम चल रहा था, लेकिन इस्लामी कट्टरपंथियों ने इसे रोक दिया। बदमाशों ने भगवान राम के पोस्टर पर जूते-चप्पल फेंके, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घिनौने अपमान ने पूरे हिंदू समाज को आगबबूला कर दिया है।
19 जून 2026 को ढाका की राजधानी में सैकड़ों हिंदू भक्तों ने मशाल जुलूस निकाला। ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शनकारी शाहबाग चौराहे पर जमा हुए और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि दोषी कट्टरपंथियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, वरना रविवार 21 जून को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
हिंदू संगठनों ने और भी बड़ा ऐलान किया है। अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो पूरे बांग्लादेश के 64 जिलों में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे। ‘बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद’ ने भी देशव्यापी विरोध का आह्वान किया है। हिंदू भक्तों का संकल्प है कि वे हर जिले में भगवान राम का मंदिर बनाकर रहेंगे।

